वसीम अकरम काउंटी क्रिकेट में खेलकर लेना चाहते थे PCB से बदला! पाकिस्तानी दिग्गज ने शेयर की अपने रिटायरमेंट की कहानी
वसीम अकरम ने बताया काउंटी क्रिकेट ने उन्हें रिटायरमेंट का फैसला लेने में मदद की।
अद्यतन - Jun 6, 2023 4:34 pm

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से रिटायरमेंट लेने के अपने फैसले के पीछे की दिलचस्प कहानी का खुलासा किया है। आपको बता दें, पाकिस्तानी दिग्गज ने राष्ट्रीय टीम द्वारा ड्रॉप किए जाने के बाद मई 2003 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा की थी।
जिसके बाद अकरम ने हैम्पशायर के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन किया और काउंटी क्रिकेट में खेलकर खुद को साबित करने की कोशिश की, लेकिन उनका शरीर चार दिवसीय मैचों की कठोरता नहीं झेल सका और उन्हें क्रिकेट के सभी प्रारूपों से रिटायरमेंट लेना पड़ा।
अब उन दिनों को याद करते हुए 57-वर्षीय ने खुलासा किया कि एक दिन में 28 ओवर फेंकने के बाद वह तीन दिनों तक चल नहीं पाए थे और फिर उन्होंने खुद से पूछा कि आखिर वह क्या कर रहे हैं। अकरम ने बताया हैम्पशायर के साथ खेलते हुए उन्हें पता चल गया था कि उनके खेलने के दिन खत्म हो गए हैं।
‘मैं एक और साल और खेल सकता था’: वसीम अकरम
वसीम अकरम ने स्पोर्ट्सकीड़ा के हवाले से कहा, ‘मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया क्योंकि मैं पाकिस्तान टीम से बार-बार ड्रॉप किए जाने से तंग आ गया था। उस समय के PCB अध्यक्ष मुझे पसंद नहीं करते थे। मेरे अंतरराष्ट्रीय संन्यास से दो साल पहले, मुझे टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के लिए कहा गया था। जिसके बाद मैंने दो साल वनडे खेला। मैं 37 साल का था और गेंदबाजी भी अच्छी कर रहा था। मैं एक और साल और खेल सकता था, लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने रिटायरमेंट ले लिया था।
मुझे इस बात का कोई दुख नहीं है, और ना ही मेरे मन में कोई कड़वाहट है, लेकिन कहानी मजेदार है। मैंने हैम्पशायर के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया क्योंकि मैं टीम से बाहर किए जाने का बदला लेना चाहता था और दिखाना चाहता था कि मैं खेल में अभी भी योगदान दे सकता हूं। लेकिन मैं 37 साल की उम्र में काउंटी क्रिकेट खेल रहा था, मैंने दो साल पहले टेस्ट क्रिकेट छोड़ दिया था। हैम्पशायर ने मेरे पहले चार दिवसीय मैच के पहले दिन मुझसे 28 ओवर डलवाए, फिर क्या था, मैं तीन दिनों तक चल नहीं पाया था।
हर सुबह ब्रश करते समय मैं आईना देखता था और खुद से पूछता था, ‘क्या कर रहा है इस उमर में?’ खुद से पूछता था मैं फर्स्ट क्लास मैच क्यों खेल रहा हूं? खेल को लेकर मेरा जुनून जा चुका था और मेरे लिए मैदान पर जाना मुश्किल हो रहा था। मैंने अपनी पत्नी और बच्चों को फोन किया और उनसे कहा, ‘देखो, मैं रिटायर हो रहा हूं’।’