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जान लीजिए क्या है डकवर्थ लुईस नियम? इस नियम से कैसे होती है हार जीत

डकवर्थ लुईस नियम को बेहतर तरीका माना जाता है, लेकिन एक बात पर सभी क्रिकेट विशेषज्ञ सहमत हैं कि यह नियम बाद में बल्लेबाज़ी करने वाली टीम ओर झुका हुआ है।

Virat Kohli
Virat Kohli (Photo by Ryan Pierse/Getty Images)

क्रिकेट मैच में जब बारिश हो जाती है तो डकवर्थ लुईस नियम से मैच के फैसले होते हैं। ऐसा हमने कई बार देखा कि डकवर्थ लूईस नियम से मैच के फैसले हुए लेकिन इसकी गणना इतती मुश्किल है कि हम इसके डिटेल में जाना ही नहीं चाहते है। आइए यहां जानने की कोशिश करते हैं कि डकवर्थ लुईस नियम है क्या और इसमें गणना किस तरह की जाती है।

वैसे एक बात मानी जाती है कि डकवर्थ लुईस नियम से जब भी फैसला होता है तो बाद में बल्लेबाज़ी कर रही टीम को फायदा होता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह सोच बन गई है कि जिस मैच में बारिश की आशंका रहे उसमें टॉस जीतने वाला कप्तान पहले गेंदबाज़ी करना पसंद करता है।

डकवर्थ लुईस मेथड को समझना शुरू से ही कठिन रहा है। लंबा केलकुलेशन है, जो मैच की परिस्थितियों के साथ बदलता रहता है। इसका अविष्कार करने वाले आंकड़ों के जानकार फ्रेंक डकवर्थ और टोनी लुईस हैं। यह आंकड़ेबाज़ी समझना आसान नहीं है। इस बारे में एक मशहूर जोक है कि डकवर्थ लुईस को दुनिया में दो लोगों ने बहुत अच्छे से समझा है। पहले हैं डकवर्थ और दूसरे लुईस।

डकवर्थ लुईस से पहले क्रिकेट मैच के केलकुलेशन के तरीके बहुत ही विवादास्पद थे। साधारण नियम के अनुसार दोनों टीमों के साथ बराबर न्याय नहीं हो पाता था। डकवर्थ लुईस नियम को बेहतर तरीका माना जाता है, लेकिन एक बात पर सभी क्रिकेट विशेषज्ञ सहमत हैं कि यह नियम बाद में बल्लेबाज़ी करने वाली टीम ओर झुका हुआ है।

क्या है डकवर्थ लुईस : बारिश से प्रभावित मैचों में इस मेथड का इस्तेमाल 300 से अधिक बार किया जा चुका है। डकवर्थ लुइस मेथड के अनुसार मैच खेल रही दोनों टीमों के पास दो संसाधन होते हैं जिनसे वे ज़्यादा ये ज़्यादा रन बनाने की कोशिश करते हैं। ये दो संसाधन कुल बचे ओवरों की संख्या और बचे हुए विकेट। हम कह सकते हैं कि डकवर्थ लुईस नियम बल्लेबाज़ों को केंद्र में रखकर डिज़ाइन किया गया है।

जैसे जैसे मैच आगे बढ़ता है वैसे वैसे बल्लेबाज़ी कर रही टीम के पास मौजूद संसाधनों की गणना होती रहती है। बल्लेबाज़ी कर रही टीम के रन बनाने की क्षमता इन दो साधनों पर ही निर्भर करती है।

जब पूरे 50 ओवर और 10 विकेट शेष हों तो रन बनाने के संसाधन भी पूरे 100 प्रतिशत होते हैं। जैसे जैसे टीम अपने ओवर इस्तेमाल करती है और विकेट गिरते हैं, उसके संसाधन भी उसी अनुपात में कम होते जाते हैं।

उदाहरण यह है कि अगर कोई टीम 20 ओवर खेल चुकी, उसके 30 ओवर बाक़ी हैं और उसके 2 विकेट गिरे हैं तो इस स्थिति में उसके 68.2 प्रतिशत संसाधन शेष होंगे। यह केलकुलेशन मैच आगे बढ़ने और ओवरों और विकेटों की संख्या के साथ बदलता जाता है।

डकवर्थ लुईस नियम मैच में तब ही लागू हो सकता है जबकि बाद में बल्लेबाज़ी कर रही टीम के संसाधनों की पूर्ण गणना कर ली जाती है। ज़ाहिर है जब डकवर्थ लुईस नियम लागू होगा तो बल्लेबाज़ी कर रही टीम को लक्ष्य तक पहुंचने में कम ओवर दिए जाएंगे याने कि मैच उसके और करीब आ जाएगा, उसे लंबे प्लान की ज़रूरत नहीं पड़ेगी और कम वक़्त में उसे बेहतर नतीजे मिल सकते हैं। डकवर्थ लुईस नियम को बाद में बल्लेबाज़ी कर तही टीम के फेवर में तब ही माना जा सकता है जबकि नियम लागू होने से पहले ही वह टीम अच्छी स्थिति में हो।

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