मेलबर्न टेस्ट डेब्यू के दौरान सोचा पिता को यहां होना चाहिए था: मोहम्मद सिराज
मोहम्मद सिराज ने कहा मुझे उम्मीद नहीं थी कि भारतीय टीम से खेलने का मौका मिलेगा, क्योंकि उस वक्त टीम में सीनियर खिलाड़ी मौजूद थे।
अद्यतन - Jun 7, 2022 1:46 pm

भारतीय टीम के धाकड़ तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने पिछले कुछ सालों में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। अपने प्रदर्शन की वजह से वह पिछले कुछ समय से लगातार भारतीय टीम का हिस्सा हैं। हालांकि IPL का 15वां सीजन उनके लिए काफी निराशाजनक रहा था।
सिराज ने लगातार अपनी स्विंग गेंदबाजी से बल्लेबाजों को पस्त किया है। बता दें, 2021 में खेले गए भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया सीरीज में मोहम्मद सिराज ने धमाकेदार प्रदर्शन किया था और टीम की सीरीज जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। गाबा में खेले गए अंतिम टेस्ट मुकाबले में सिराज ने पांच विकेट चटकाए थे। इस सीरीज में मोहम्मद सिराज ने कुल 13 विकेट झटके थे।
मेरी माँ ने मेरा बहुत साथ दिया है: मोहम्मद सिराज
सिराज ने अपने पिता को खोने और कोविड से लड़ने के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में शानदार खेल दिखाया और एक बेहतरीन गेंदबाज बनकर उभरे। वूट पर स्ट्रीमिंग होने वाली वेब सीरीज ‘बंदो में था दम’ के ट्रेलर लॉन्च में मोहम्मद सिराज ने कहा कि मेरे लिए काफी मुश्किल समय में था, क्योंकि IPL के दौरान मेरे पिताजी बहुत बीमार थे, लेकिन परिवार वालों ने मुझे नहीं बताया कि मामला कितना गंभीर है। मुझे उनकी तबीयत के बारे में तब पता चला जब मैं ऑस्ट्रेलिया पहुंचा। कोरोना प्रोटोकाल के कारण हम सबको क्वारंटाइन में रहना पड़ा था।
जब हम सभी अभ्यास कर रहे थे, तब मुझे अपने पिता के निधन के बारे में जानकारी मिली। उस समय मेरी मां ने मेरा खूब साथ दिया। उन्होंने कहा था कि अपने पिता के सपने को पूरा करो और देश का नाम रोशन करो। मां के इन्हीं बातों ने मुझे प्रेरणा दी। मुझे उस समय नहीं मालूम था कि मुझे खेलने का मौका मिलेगा, क्योंकि उस समय टीम में सीनियर गेंदबाज भी मौजूद थे।
सिराज ने आगे कहा कि मुझे उम्मीद नहीं थी कि भारतीय टीम से खेलने का मौका मिलेगा, क्योंकि उस वक्त टीम में सीनियर खिलाड़ी मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘आखिरकार मुझे दूसरे टेस्ट में मौका मिला। जब मैंने मेलबर्न में डेब्यू टेस्ट कैप पहनी, तो मैंने सोचा पिताजी को यहां होना चाहिए था। मोहम्मद शमी के चोटिल होने के बाद मुझे भारत के लिए खेलने का मौका मिला।’