क्रिकेट वेस्टइंडीज ने अमेरिकी वीजा मुद्दे पर दी बड़ी अपडेट; पढ़िए पूरी खबर
वित्तीय जोखिम से बचने CWI ने एक खेमे को मियामी के लिए पहले ही रवाना कर दिया है।
अद्यतन - Aug 4, 2022 10:37 am

वेस्टइंडीज और भारत के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के अंतिम दो मैच फ्लोरिडा में खेले जाने हैं, जिसके लिए वीजा को लेकर दोनों टीमों के सदस्यों को पिछले दिनों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन अंततः उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा के लिए आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी गई है।
वेस्टइंडीज और टीम इंडिया के जिन सदस्यों को यूएस वीजा के लिए संघर्ष करना पड़ा, उन्हें फ्लोरिडा की यात्रा के लिए अब मंजूरी मिल गई है, जिसमें गुयाना सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिन खिलाड़ियों के पास अमेरिका की यात्रा के लिए वीजा नहीं था, उनका 3 अगस्त की रात को गुयाना के जॉर्जटाउन में अमेरिकी दूतावास द्वारा साक्षात्कार लिया गया, जिसके बाद वीजा जारी किया गया।
गुयाना सरकार की मदद से अमेरिकी वीजा का मुद्दा सुलझ गया
इस बीच, भारतीय क्रिकेट टीम के कुछ सदस्य जैसे रवींद्र जडेजा, आर अश्विन, दिनेश कार्तिक, रवि बिश्नोई, सूर्यकुमार यादव और कुलदीप यादव कथित तौर पर एक चार्टर फ्लाइट से मियामी पहुंच गए हैं, जबकि बाकी टीम 4 अगस्त की रात तक मियामी पहुंचेगी। वेस्टइंडीज और भारत के शेष खिलाड़ी 4 अगस्त की दोपहर को मियामी के लिए उड़ान भरेंगे, क्योंकि उनके पासपोर्ट अभी अमरीकी दूतावास ने लौटाए नहीं है।
क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) के अध्यक्ष रिकी स्केरिट ने वीजा के मुद्दे में उनकी मदद करने के लिए गुयाना सरकार को धन्यवाद दिया और साथ ही पुष्टि भी की है कि सभी सदस्यों के वीजा पास कर दिए गए हैं। रिकी स्केरिट ने क्रिकबज के हवाले से कहा: “यह गुयाना सरकार के सामयिक और प्रभावशाली राजनयिक प्रयास के कारण संभव हो पाया। सभी वीजा आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है, लेकिन पासपोर्ट अमरीकी दूतावास के पास होने कारण दोनों टीमों के सदस्य कल दोपहर (4 अगस्त) को ही मियामी के लिए उड़ान भर सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा: “हम जो कुछ कर सकते थे, हम वो कर चुके हैं। जिन खिलाड़ियों के पास पहले से ही वीजा था वे 3 अगस्त की रात को ही चार्टर फ्लाइट से मियामी के लिए निकल चुके हैं। अगर वे पहले की योजना के अनुसार आगे बढ़ते तो उन्हें काफी वित्तीय जोखिम उठाना पड़ता, इसलिए उन्होंने एक खेमे को मियामी भेज दिया।”