सचिन तेंदुलकर गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा के मौके पर सचिन ने अपने कोच रमाकांत आचरेकर को किया याद, शेयर किया ये स्पेशल पोस्ट

Guru Purnima 2024 के अवसर पर सचिन तेंदुलकर ने अपने गुरु रमाकांतआचरेकर को याद किया।

Sachin Tendulkar & Vinod Kambli
Sachin Tendulkar & Vinod Kambli with Ramakant Achrekar. (Photo Source: Twitter)

पूरा देश आज गुरु पूर्णिमा मना रहा है और इस मौके पर हर कोई अपने गुरु को याद कर रहा है। ऐसे में इस अवसर पर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी अपने गुरु रमाकांत आचरेकर को याद किया है। सचिन ने कहा है कि गुरु पूर्णिमा वह दिन है जब हम अपने गुरुओं को हमारे जीवन में बदलाव लाने के लिए उनकी गहरी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देते हैं। उन्होंने पेरिस ओलंपिक के खिलाड़ियों और कोचों को भी शुभकामनाएं दीं।

सचिन तेंदुलकर ने अपने गुरु के लिए किया खास पोस्ट

सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “गुरु पूर्णिमा वह दिन है जब हम अपने गुरुओं को हमारे जीवन में बदलाव लाने के लिए उनकी गहरी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देते हैं। आज, मैं आचरेकर सर को याद करता हूं और उनके द्वारा मेरे जीवन में किए गए बदलाव के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं। आचरेकर सर क्रिकेट में अपने योगदान के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता थे।

खेल और अपने खिलाड़ियों के प्रति उनका समर्पण बेजोड़ था। उनकी तरह ही, कई कोच भारत में खेलों की बेहतरी के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। ओलंपिक के करीब आने के साथ, मैं ओलंपिक खेलों के सभी कोचों को उनके समर्पण और प्रेरणा के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। राष्ट्र आपके योगदान के लिए बहुत आभारी है। पेरिस ओलंपिक में सभी कोचों और उनके खिलाड़ियों को मेरी शुभकामनाएं।”

आज यानी आषाढ़ पूर्णिमा के दिन स्नान और दान करना बहुत शुभ माना जाता है। गुरु पूर्णिमा को आषाढ़ी पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसी दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। सांसारिक जीवन में गुरु का विशेष महत्व होता है। यही वजह है कि भारतीय संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व सिर्फ हिंदू ही नहीं बल्कि जैन, बौद्ध और सिख धर्म के लोग भी मनाते हैं। बौद्ध धर्म में भगवान बुद्ध ने इसी दिन पहला धर्म चक्र प्रवर्तन किया था।

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