‘सचिन और उसके मम्मी पापा जा रहे हैं भाई ये बनेगा तेंदुलकर’- कुछ इस तरह से लोग उड़ाते थे संजू सैमसन का मजाक - क्रिकट्रैकर हिंदी

‘सचिन और उसके मम्मी पापा जा रहे हैं भाई ये बनेगा तेंदुलकर’- कुछ इस तरह से लोग उड़ाते थे संजू सैमसन का मजाक

संजू ने ये भी बताया कि उनके पिता ने उन्हे कभी ये एहसास नहीं होने दिया की वह उनके लिए स्ट्रगल कर रहे हैं।

Sanju Samson
Sanju Samson. (Photo Source: IPL/BCCI)

संजू सैमसन के पिता अपने शुरुआत के दिनों में दिल्ली पुलिस में एक कांस्टेबल के रूप में काम करते थे। पूरा परिवार दिल्ली में रहा, जहां सैमसन और उनके भाई ने स्कूल स्तर पर और क्लब क्रिकेट में भी खूब क्रिकेट खेला। हाल ही में एक इंटरव्यू में, राजस्थान रॉयल्स के कप्तान ने अपने बचपन की कहानियों को साझा किया और अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए उनके माता-पिता द्वारा किए गए संघर्ष का खुलासा किया।

सैमसन ने बताया कि दिल्ली और उसके आसपास एक बड़ी प्रतियोगिता थी, और दोनों भाइयों को अपने पहले कुछ परीक्षणों में असफलता का सामना करना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि, असफल होने के बाद, उनके पिता ने अपना बेस केरल में ट्रांसफर करने का साहसिक निर्णय लिया, और उन्हें राज्य के लिए खेलने के लिए कहा। हालांकि सैमसन के भाई जारी नहीं रख सके और एक अलग क्षेत्र में शिफ्ट हो गए, लेकिन उन्होंने केरल की स्टेट टीम में जगह बनाई।

संजू सैमसन ने ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस में गौरव कपूर से बात करते हुए कहा कि, “हम दिल्ली में खेलते थे वहां पर मम्मी पापा हमारी किट बैग लेकर हमें बस तक छोड़ने आते थे। हम छोटे थे और किट बैग बड़ा भारी था इसलिए मां -पापा हमारे साथ बस तक आते थे । तब पीछे से आवाज आती थी ओए सचिन और उसके मम्मी पापा जा रहे हैं भाई ये बनेगा तेंदुलकर। मेरे माता पिता ने बहुत बड़ा फैसला लिया था दिल्ली छोड़कर वापस केरल जाने का।”

सैमसन ने बताया अपने माता-पिता के संघर्ष के बारे में

सैमसन ने आगे कहा कि, “उनके इस फैसले के बाद हम अचानक केरल पहुंच गए थे और 1-2 महीने हमने जमकर स्कूल ढूंढा लेकिन, स्कूल वालों ने कहा कि अभी बीच टाइम चल रहा है अभी एडमिशन कैसे दे सकते हैं। शुरुआती दिनों में हम जब केरल गए तब भी मेरे पिता दिल्ली में ही नौकरी किया करते थे।”

सैमसन ने आगे खुलासा किया कि जब उन्होंने कुछ वर्षों तक क्लब क्रिकेट नहीं खेला, तो केरल में स्थानांतरित होने के बाद, उनके पिता ने दिल्ली पुलिस से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली और परिवार के साथ केरल चले गए। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का एक चुनौतीपूर्ण दौर था जब उनके पिता उन्हें बाइक पर अभ्यास करने के लिए ले जाते थे।

सैमसन ने आगे कहा कि, “कुछ साल बाद, जहां मैंने कुछ नहीं खेला, उन्होंने दिल्ली पुलिस से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली और केरल चले गए। फिर वह हमें बाइक में दिन और शाम अभ्यास करने के लिए ले जाते थे और यह एक चुनौतीपूर्ण समय था। हालांकि उस वक्त मेरे मां पापा ने ये एहसास नहीं होने दिया कि वो हमारे लिए स्ट्रगल कर रहे हैं। लेकिन बाद में आप बड़े होते हैं तो बाद में आपको पता चलता है कि अपके माता पिता ने अपके लिए क्या किया है।”