अगर युवराज सिंह ना होता तो भारत वर्ल्ड कप 2011 नहीं जीत पाता: हरभजन सिंह - क्रिकट्रैकर हिंदी

अगर युवराज सिंह ना होता तो भारत वर्ल्ड कप 2011 नहीं जीत पाता: हरभजन सिंह

भारत ने वनडे वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में श्रीलंका को जबरदस्त मात देकर इतिहास रच दिया था।

harbhajan singh and yuvraj singh (pic source-twitter)
harbhajan singh and yuvraj singh (pic source-twitter)

भारत ने वनडे वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में श्रीलंका को जबरदस्त मात देकर इतिहास रच दिया था। टीम की ओर से गौतम गंभीर और महेंद्र सिंह धोनी ने शानदार पारियां खेली थी और भारत की इस जीत में अहम योगदान दिया था।

इस पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन ऑलराउंडर युवराज सिंह ने अपनी टीम के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेली थी और साथ ही साथ उन्होंने घातक गेंदबाजी भी की थी। बता दें, वनडे वर्ल्ड कप 2011 के दौरान उनकी सेहत काफी खराब थी। यहां तक की उनको फाइनल की एक रात पहले खून की उल्टी भी हुई लेकिन उन्होंने इसके बावजूद श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मुकाबला खेला और टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

वनडे वर्ल्ड कप के खत्म होने के बाद यह बात सामने आई कि युवराज सिंह को कैंसर हुआ है। तमाम लोग इस खबर को सुनते ही हैरान रह गए। 2011 वर्ल्ड कप के बारे में बात करते हुए भारत के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने बताया कि कैसे युवराज मुकाबले के दौरान फील्ड में लगातार खास रहे थे और सिर्फ उनको ही यह पता था कि उन्हें कैंसर है।

मुझे लगता है कि अगर युवराज सिंह वहां नहीं होते तो भारत वर्ल्ड कप 2011 नहीं जीत पाता: हरभजन सिंह

हरभजन सिंह ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा कि, ‘युवराज ठीक नहीं थे और उन्हें हर मुकाबले से पहले काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बल्लेबाजी के दौरान उन्हें खांसी भी होती थी और कभी-कभी वो उल्टी भी कर दिया करते थे। मैं उनसे पूछता था कि आखिर आप क्यों इतना खास रहे हैं? अपनी उम्र देखें और यह कि आप क्या कर रहे है। लेकिन हमें नहीं पता था कि वो किन मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने उस बीमारी में भी वर्ल्ड कप खेला और बाद में पता चला कि यह लक्षण कैंसर के हैं। हमें नहीं पता था कि परिस्थिति इतनी खराब है लेकिन इस चैंपियन को हम सबका सेल्यूट है।’

बता दें, वर्ल्ड कप 2011 में युवराज सिंह ने 9 मुकाबलों की 8 पारियों में 362 रन बनाए थे जिसमें 4 अर्धशतक और 1 शतक भी मौजूद है। उन्होंने इस टूर्नामेंट में गेंदबाजी भी काफी अच्छी तरह से की और 9 मुकाबलों में 5.02 की इकोनॉमी से 15 विकेट झटके।

हरभजन ने आगे कहा कि, ‘एक बार नहीं बल्कि दो बार युवराज ने हमें वर्ल्ड कप जिताने में मदद की। मुझे लगता है कि अगर युवराज सिंह वहां नहीं होते तो भारत वर्ल्ड कप 2011 नहीं जीत पाता। युवराज जैसा खिलाड़ी ना पहले था और ना अभी है।’

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