एमएस धोनी के साथ अपने रिश्ते को लेकर युजवेंद्र चहल ने किया बड़ा खुलासा
युजवेंद्र चहल ने भारत की ओर से 72 वनडे और 75 टी-20 मुकाबले खेले हैं जिसमें उन्होंने क्रमश: 121 विकेट और 91 विकेट अपने नाम किए हैं।
अद्यतन - जुलाई 17, 2023 2:19 अपराह्न

भारतीय टीम के अनुभवी स्पिनर युजवेंद्र चहल ने इस बात का खुलासा किया है कि वो आज भी पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के सामने चुप ही रहते हैं। तमाम लोग यह बात जानते हैं कि युजवेंद्र चहल चाहे मैदान के अंदर हो या बाहर वो हमेशा सबके साथ ही मजाक करते हुए नजर आते हैं लेकिन धोनी के सामने उन्हें शांत रहना ही पसंद है।
हाल ही में एक इंटरव्यू में युजवेंद्र चहल ने धोनी के साथ अपने रिश्ते को लेकर खुलासा किया। उन्होंने यह कहा कि धोनी के सामने आते ही मेरी बोलती बंद हो जाती है और मैं तभी कुछ बोलता हूं जब माही भाई मुझसे कुछ पूछते हैं।
युजवेंद्र चहल ने द रणवीर शो में कहा कि, ‘एमएस धोनी एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिनके सामने मेरी बोलती बंद हो जाती है। मैं उनके सामने ज्यादा बातचीत नहीं करता हूं और चुपचाप खड़ा रहता हूं। जब माही भाई मुझसे कुछ पूछते हैं तब ही मैं सिर्फ उनसे बात करता हूं।’
बता दें, युजवेंद्र चहल ने भारत की ओर से 72 वनडे और 75 टी-20 मुकाबले खेले हैं जिसमें उन्होंने क्रमश: 121 विकेट और 91 विकेट अपने नाम किए हैं। इंडियन प्रीमियर लीग में चहल सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने 147 मुकाबलों में 187 विकेट झटके हैं।
जब महेंद्र सिंह धोनी ने चहल के खराब दिन में उनका दिया था साथ
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चहल ने एक मुकाबला खेला था जिसमें उन्होंने काफी निराशाजनक गेंदबाज़ी करते हुए 4 ओवर में 64 रन लुटाए थे। हालांकि इसके बावजूद महेंद्र सिंह धोनी ने युजवेंद्र चहल का समर्थन करते हुए उन्हें काफी प्रोत्साहन दिया था।
अनुभवी स्पिनर ने आगे कहा कि, ‘ हम लोग सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 मुकाबला खेल रहे थे। पहली बार मेरे 4 ओवर में मुझे 64 रन पड़े। हेनरिक क्लासेन ने उस मैच में काफी अच्छी बल्लेबाजी की थी और मेरे खिलाफ काफी रन जड़े थे। दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज ने मेरी एक गेंद पर छक्का जड़ा जिसके बाद माही भाई मेरे पास आए और उन्होंने मुझसे कहा कि आज तेरा दिन नहीं है कोई बात नहीं।
लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि अभी भी तेरे और में 5 गेंदे बची हुई है और मैं यही कोशिश करूं कि इन 5 गेंदों पर एक भी बाउंड्री ना जाए। इस अनुभव से मुझे यह पता चला कि अगर आपका दिन अच्छा ना हो तब भी आप टीम को सपोर्ट कर सकते हैं।