अपने खराब शॉट सेलेक्शन पर पंत ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मेरे पास सभी शॉट हैं लेकिन….
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दोनों वनडे मैच में पंत को चार नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया था।
अद्यतन - Jan 22, 2022 5:52 pm

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में भारतीय टीम को 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि मैच में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत अपने पुराने रंग में नजर आए और 85 रनों की पारी खेली। इससे पहले टेस्ट सीरीज में पंत के शॉट सेलेक्शन को लेकर कई तरह के सवाल उठे थे जिसे लेकर टीम मैनेमेंट ने भी उनसे बात की।
बता दें कि जोहानिसबर्ग में दूसरे टेस्ट मैच के दौरान गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलने के लिए कड़ी आलोचना हुई थी। इसी बीच पंत ने भी अपने शॉट सेलेक्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। दरअसल तीसरे और आखिरी वनडे मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऋषभ पंत बातचीत करने के लिए आए और इस दौरान उनसे कुछ पत्रकारों ने उनके सेलेक्शन को लेकर सवाल किया।
शॉट सेलेक्शन को लेकर टीम मैनेजमेंट ने दी पंत को अहम सलाह
पंत ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, “ड्रेसिंग रूम में हमेशा सकारात्मक बातें होती हैं कि एक खिलाड़ी के तौर पर मैं क्या कर सकता हूं। मेरे पास सभी शॉट हैं लेकिन मैं धैर्य के साथ और परिस्थितियों के अनुसार उन्हें कैसे खेल सकता हूं। इस पर काफी चर्चा होती है।” उन्होंने कहा, “और हम जो भी चर्चा करते हैं, उसके अनुसार अभ्यास करते हैं और फिर मैच में उसे लागू करने की कोशिश करते हैं।”
पंत को दोनों वनडे मैचों में चौथे नंबर पर भेजा गया और वह टीम प्रबंधन की उम्मीदों पर खरे उतरे। उन्होंने इस रणनीति को लेकर बोलते हुए कहा कि, “चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने का कारण यह था कि यदि बायें हाथ के बल्लेबाज को मध्यक्रम में मौका मिलता है तो फिर दायें और बायें हाथ के बल्लेबाज के संयोजन के साथ स्ट्राइक रोटेट करना आसान हो जाएगा।
विशेषकर बीच के ओवरों में जब लेग स्पिनर या बायें हाथ के स्पिनर गेंदबाजी करते हैं। इसलिए टीम मैनेजमेंट को लगा कि बायें हाथ के बल्लेबाज को बल्लेबाजी करनी चाहिए और इसलिए यह भूमिका मुझे सौंपी गयी।” वहीं पंत ने ये भी माना कि शार्दुल ठाकुर की दोनों मैचों में बल्लेबाजी (नाबाद 50 और नाबाद 40 रन) टीम के लिए इस सीरीज में अब तक का सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘एक और सकारात्मक पहलू शार्दुल का निचले क्रम में अच्छी बल्लेबाजी करना है। इसके अलावा वेंकी (वेंकटेश अय्यर) ने जिस तरह से गेंदबाजी की। उसने एक या दो ओवरों में रन लुटाये लेकिन इससे यह लगता है कि वह इस स्तर पर गेंदबाजी कर सकता है। इसलिए कई सकारात्मक पहलू भी रहे।’’