मेरा फोन बजना बंद ही नहीं हो रहा था: प्रवीण तांबे ने बताई बायोपिक के बाद की कहानी - क्रिकट्रैकर हिंदी

मेरा फोन बजना बंद ही नहीं हो रहा था: प्रवीण तांबे ने बताई बायोपिक के बाद की कहानी

प्रवीण ने अपनी जिंदगी में कई मुश्किलें झेली और कई लोगों की बाते भी सुनी। लेकिन उन्होंने कभी अपने सपने के आगे इन सब को नहीं आने दिया।

Praveen Tambe got emotional. (Photo Source: Twitter/Kolkata Knight Riders)
Praveen Tambe got emotional. (Photo Source: Twitter/Kolkata Knight Riders)

कोई भी खिलाड़ी इस बात को सुनकर काफी खुश होगा कि उनपर कोई मूवी या वेब सीरीज बन रही है जो उनके मुश्किल सफर के बारे में दूसरें लोगो को दिखाएगी। हाल ही में हॉटस्टार में एक नई बायोपिक रिलीज हुई थी। यह बायोपिक थी एक ऐसे खिलाड़ी की जिसको इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में तब शामिल किया गया जिस उम्र में कई खिलाड़ी क्रिकेट से संन्यास ले लेते हैं। जी हां बात हो रही है प्रवीण तांबे की जिन्होंने 41 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलने का सपना देखा और इस सपने के साथ इंडियन प्रीमियर लीग जैसे बड़े टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ी।

प्रवीण का क्रिकेट सफर छोटा रहा लेकिन बहुत ही मुश्किलों भरा। उन्होंने अपने जिंदगी का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ दिखाया। ये बात थी 2014 की। प्रवीण ने अपनी जिंदगी में कई मुश्किलें झेली और कई लोगों की बाते भी सुनी। लेकिन उन्होंने कभी अपने सपने के आगे इन सब को नहीं आने दिया। वह लगातार मेहनत करते रहे और आगे बढ़ते रहे। उनकी बायोपिक में आप उनका क्रिकेट के प्रति लगाव और यहां तक का सफर दोनो देख सकते हैं।

द इंडियन एक्स्प्रेस में छपे प्रवीण ताबें के बयान के अनुसार, जब प्रोड्यूसर प्रवीण से मिलने उनके घर गए और उनसे बायोपिक के बारे में बात किया तो प्रवीण का कहना यह था कि ना ही वो तेंदुलकर है ना धोनी और ना कोहली, तो वो सब लोग उनके ऊपर मूवी क्यों बनाना चाहते हैं। उनको यह तो पता था कि अभी ज्यादा लोग उनको नहीं जानते हैं लेकिन दूसरी तरफ यह बात भी थी कि इतने बड़े स्टेज में क्रिकेट की शुरुआत करने वाले वह सबसे उम्रदराज खिलाड़ी है।

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इस बायोपिक की वजह से तमाम लोगों ने प्रवीण तांबे के बारे में जाना और यह भी जाना कि वह एक क्रिकेटर हैं। कितनी मुश्किलों के बाद प्रवीण इस ऊंचाई पर पहुंचे हैं इसे जानकर सभी लोग अचंभित थे। जब उनसे पूछा गया कि आपको ये मूवी कैसी लगी तो उन्होंने कहा कि, मेरे से पहले मेरे परिवार वालों ने मूवी देख ली थी और वे इस मूवी की काफी बड़ाई कर रहे थे और मुझे कहानी बताने लगे। मैंने कहा रुक जाओ मुझे भी मूवी देखने दो।

मैंने अपने भाई और अपनी पत्नी से मूवी के बारे में पूछा, उन्होंने कहा बहुत अच्छी मूवी है। वो मुझे मूवी की कहानी बताने लगे तो मैंने कहा कि, मुझे फिल्म देखने दो पहले। फिर मैं हंस पड़ा और बोला अरे यह तो मेरी ही कहानी है।

प्रवीण की कहानी राहुल द्रविड़ (जो इस समय भारतीय टीम के कोच है) ने एक इवेंट में लोगों के सामने रखी। लेकिन इस कार्यक्रम का वीडियो बहुत समय के बाद वायरल हुआ। लेकिन जब यह वीडियो वायरल हुआ तब प्रवीण की जिंदगी ही बदल गई।

प्रवीण ने बताया कि, मेरा फोन बजना बंद ही नहीं हो रहा था। मेरे फोन में हजारों मैसेजेस आते थे। पहले मेरे पास सिर्फ मेरे कुछ दोस्तों और क्रिकेट जगत के लोगों के ही मैसेज आते थे लेकिन अब कॉरपोरेट और दूसरी जगह से भी मैसेज आ रहे हैं। यह एक ऐसी मूवी है जिसने बहुत से लोगों की सोच और जिंदगी बदल दी।

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