क्या टीम इंडिया की सफलता में राहुल द्रविड़ का नहीं होगा अहम योगदान?
संजय मांजरेकर ने कहा टीम के प्रदर्शन में कोच का खास योगदान नहीं होता है।
अद्यतन - जून 9, 2022 6:58 अपराह्न

पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने कहा राहुल द्रविड़ के लिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 9 जून से शुरू हो रही पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना बहुत बड़ी चुनौती नहीं होगी।
NEWS18 पर बातचीत के दौरान संजय मांजरेकर ने दक्षिण अफ्रीका सीरीज के दौरान राहुल द्रविड़ की सबसे बड़ी चुनौती के बारे में बात करते हुए कहा: “मुझे लगता है कि राहुल द्रविड़ सही समय पर सही फैसले लेने और उम्मीदों पर खरा उतरने ने माहिर है। वह दुनिया के सबसे बुद्धिमान क्रिकेटरों में से एक है, उन्होंने जूनियर स्तर पर भी शानदार काम किया है, इसलिए मुझे पूरी उम्मीद हैं कि वह इस चुनौती को भी खूबसूरती से संभालेंगे। युवा खिलाड़ियों को संभालना उनकी सबसे बड़ी ताकत है।”
अनियंत्रित चीजों को नियंत्रित नहीं करना चाहेंगे राहुल द्रविड़: संजय मांजरेकर
उन्होंने आगे कहा भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच केवल उन्ही चीजों को नियंत्रित करना चाहेंगे, जिन्हे वे नियंत्रित कर सकते है। मांजरेकर ने आगे बताया: “राहुल जो भी चीजें नियंत्रित कर सकते हैं, वह उसमे अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे, और ये सारी चीजें ज्यादातर मैदान के बाहर की होंगी, जैसे सही प्लेइंग इलेवन चुनना, ब्रेक के दौरान रणनीति बनाना, जिसको देखते हुए आप कोच से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद कर सकते हैं।”
यह पूछा जाने पर कि क्या भारत का आईसीसी प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन से ही बतौर कोच राहुल द्रविड़ की सफलता का आकलन किया जा सकता है, पूर्व बल्लेबाज ने कहा कोच का टीम के प्रदर्शन में खास योगदान नहीं होता है, इसलिए उनके हिसाब से यह सवाल गलत है।
संजय मांजरेकर ने अंत में कहा टीम की उपलब्धियों और प्रदर्शन में कोच की भूमिका बहुत ही कम होती है। आप कप्तान को टीम के प्रदर्शन के लिए उत्तरदायी ठहरा सकते है, क्योंकि अधिकतर फैसले उसी के द्वारा लिए जाते है, इसलिए आप राहुल द्रविड़ से केवल टीम चयन और सही प्लेइंग इलेवन चुनने में उनके बेहतरीन प्रदर्शन की अपेक्षा रख सकते है।