सुप्रीम कोर्ट से BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह को मिली बड़ी राहत
BCCI ने कूलिंग-ऑफ पीरियड में ढील देने के लिए शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर की थी।
अद्यतन - सितम्बर 15, 2022 2:14 अपराह्न

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली और जय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने 14 सितंबर (बुधवार) को कूलिंग-ऑफ क्लॉज में ढील देने और बोर्ड के संविधान में अन्य संशोधनों के लिए अनुमति दी। इससे पहले न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा की अगुवाई वाली समिति ने बीसीसीआई में सुधारों की सिफारिश की थी जिसे शीर्ष अदालत ने स्वीकार किया था।
इससे पहले उच्चतम न्यायालय द्वारा स्वीकृत बीसीसीआई के संविधान के अनुसार राज्य क्रिकेट संघ या बीसीसीआई में तीन-तीन साल के लगातार दो कार्यकाल के बाद किसी भी व्यक्ति का तीन साल के ब्रेक पर जाना अनिवार्य था। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने 23 अक्टूबर 2019 को बीसीसीआई अध्यक्ष का पद संभाला था, जबकि जय शाह 24 अक्टूबर 2019 को बीसीसीआई के सचिव बने थे।
इस बीच, अध्यक्ष और सचिव के अलावा, संयुक्त सचिव जयेश जॉर्ज पहले ही राज्य संघ और क्रिकेट बोर्ड में संयुक्त रूप से छह साल की सेवा दे चुके हैं। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा BCCI के पक्ष में निर्णय देने के साथ, जय शाह और सौरव गांगुली दोनों उन्हें बोर्ड में अपने-अपने पदों पर बने रहेंगे।
अब नहीं होगा कोई कूलिंग ऑफ पीरियड
इसको लेकर न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने कहा कि, प्रथम दृष्टया हमारा मानना है कि राज्य एसोसिएशन में एक कार्यकाल (3 साल) के बाद BCCI में एक कार्यकाल के लिए कोई कूलिंग ऑफ अवधि की आवश्यकता नहीं है। लेकिन राज्य एसोसिएशन या बीसीसीआई में दो कार्यकाल के बाद कूलिंग ऑफ को रखना होगा।
अब दोनों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है, ऐसे में दोनों ही साल 2025 तक अपने-अपने पद पर बने रह सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सिर्फ बोर्ड अध्यक्ष और बोर्ड सचिव के लिए नहीं बल्कि बोर्ड और राज्य एसोसिएशन के सभी अधिकारियों/पदों के लिए भी है।