IPL 2023: एमएस धोनी ने तुषार देशपांडे का समर्थन करते हुए बहुत ही अच्छा काम किया: रविचंद्रन अश्विन
रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने तुषार देशपांडे का समर्थन करते हुए बहुत ही अच्छा काम किया है।
अद्यतन - Apr 11, 2023 10:53 pm

राजस्थान रॉयल्स के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने तुषार देशपांडे का समर्थन करते हुए बहुत ही अच्छा काम किया है। बता दें, इस समय खेली जा रही इंडियन प्रीमियर लीग 2023 के शुरुआती दो मुकाबलों में तुषार देशपांडे ने काफी निराशाजनक प्रदर्शन किया था जिसके बाद कई फैंस का मानना था कि उन्हें प्लेइंग XI से बाहर कर देना चाहिए।
हालांकि महेंद्र सिंह धोनी ने उनका साथ दिया और तुषार देशपांडे ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ काफी अच्छी गेंदबाजी करते हुए अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
रविचंद्रन अश्विन ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल में कहा कि, ‘पहले मैच के बाद तमाम लोग तुषार देशपांडे की जमकर आलोचना कर रहे थे। सभी यही कह रहे थे कि वो ऐसी गेंदबाजी क्यों कर रहे हैं? देशपांडे को टीम से बाहर कर देना चाहिए। हालांकि कप्तान जिनको पता था कि इस समय तुषार को सपोर्ट करना चाहिए, उन्होंने वैसा ही किया। तुषार देशपांडे ने भी मुंबई इंडियंस के खिलाफ काफी अच्छी गेंदबाजी की और टिम डेविड का विकेट अपने नाम किया।’
तुषार देशपांडे ने इससे पहले गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ काफी खराब गेंदबाजी की थी। हालांकि इसके बावजूद धोनी ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ भी तुषार देशपांडे को मौका दिया और उन्होंने जबरदस्त गेंदबाजी की।
गेंदबाजों को भी उनके प्रदर्शन के लिए क्रेडिट मिलना चाहिए: रविचंद्रन अश्विन
लखनऊ सुपर जायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 7 अप्रैल को खेले गए मुकाबले में तमाम लोगों ने पिच की जमकर आलोचना की थी और इसी को लेकर रविचंद्रन अश्विन ने अपना पक्ष रखा।
रविचंद्रन अश्विन ने आगे कहा कि, ‘LSG और SRH के बीच खेला गया मुकाबला काफी लो स्कोरिंग रहा था। लखनऊ ने हैदराबाद को करारी शिकस्त दी। एकदम से पिच को लेकर भी तमाम लोग बोलने लगे। लोगों को यह बात क्यों नहीं समझ आती कि ऐसा जरूरी नहीं कि जब बल्लेबाज रन बनाए तब ही पिच अच्छी हो।
कभी-कभी पिच गेंदबाजों के लिए भी काफी मददगार साबित होती है। जब गेंदबाज को रन ज्यादा पड़ते हैं तब सब लोग उन्हीं की आलोचना करने लग जाते हैं। क्या हमेशा गेंदबाज ही विलेन रहेंगे और हीरो बल्लेबाज? ‘