साक्षी ने प्रधानमंत्री के लिए ओलंपिक मेडल नहीं जीता है: कीर्ति आजाद ने भारतीय पहलवानों का साथ देते हुए दिया बड़ा बयान
भारतीय पहलवान रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष ब्रिजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है।
अद्यतन - Jun 3, 2023 3:19 pm

भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने भारतीय पहलवानों का साथ देते हुए बड़ा बयान दिया है। उनके मुताबिक भारतीय पहलवानों को जल्दबाजी में कोई भी गलत फैसला लेने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है और उनकी बातों को जल्द से जल्द सुना जाए।
बता दें, इस समय भारतीय पहलवान रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष ब्रिजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। कीर्ति आजाद के अलावा कपिल देव और सुनील गावस्कर ने भी भारतीय पहलवानों का साथ दिया। पूर्व भारतीय क्रिकेटर की मानें तो उन्हें यह देखकर सच में बहुत ही बुरा लग रहा है कि सभी पहलवानों के साथ बहुत ही गलत व्यवहार किया जा रहा है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि कोर्ट उनकी बातों को जरूर सुनेगा।
कीर्ति आजाद ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि, ‘हम लोगों ने वर्ल्ड कप इंदिरा गांधी के लिए नहीं जीता था जो 1983 में देश की प्रधानमंत्री थी। मुझे यह देखकर बहुत ही अजीब लग रहा है कि लोग इसे पॉलीटिकल विरोध कह रहे हैं। जब साक्षी मलिक ने Rio 2016 में पहली बार ब्रॉन्ज मेडल जीता था तब वो यह सब नरेंद्र मोदी और बीजेपी के लिए नहीं कर रही थी। उन्होंने यह मेडल देश के लिए जीता है।’
नरेंद्र मोदी पदक के साथ सेल्फी लेने से कभी नहीं हिचकिचाए: कीर्ति आजाद
कीर्ति आजाद इस बात से बहुत ही नाराज हैं कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इन चीजों को लेकर कोई भी सख्त कार्यवाही नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि जब साक्षी मलिक ने Rio 2016 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था तब नरेंद्र मोदी ने उनके साथ सेल्फी ली थी।
कीर्ति आजाद ने आगे कहा कि, ‘नरेंद्र मोदी पदक के साथ सेल्फी लेने से कभी नहीं हिचकिचाए। हरियाणा में खट्टर साहब ने साक्षी को बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का ब्रांड अंबेसडर बनाया था। अब सभी लोग शांत हैं और पूरे देश में एक भी ट्वीट उनको लेकर नहीं किया जा रहा है। सभी लोग तस्वीरें ले रहे हैं और कोई भी इसके बारे में कुछ नहीं बोलना चाहता।’