बेन स्टोक्स और ब्रैंडन मैक्कुलम के बैजबॉल क्रिकेट के फैसला पर रहने वाली है सबकी नजर
वहीं इंग्लैंड के एक प्रैक्टिस सेशन के वीडियो को कौन भूल सकता है, जहां ब्रैंडन मैकुलम, इंग्लैंड टीम को सीखा रहे थे कि, डाउन द ग्राउंड छक्के कैसे मारे जाते हैं।
अद्यतन - Jun 15, 2023 11:20 am

पिछले कुछ महीने से क्रिकेट की दुनिया में बैजबॉल को लेकर काफी चर्चे हैं। दरअसल इंग्लैंड की टीम एशेज सीरीज में इसे अपनाने वाली है। बता दें इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैक्कुलम और इस टीम के कप्तान बेन स्टोक्स ने इसे लेकर अपना इरादा जाहिर भी कर दिया है।
दरअसल जब ब्रैंडन मैक्कुलम को न्यूजीलैंड टीम की कप्तानी सौंपी गई, तो उन्होंने दुनिया को अपने अटैकिंग प्रदर्शन से सबको अवगत कराया। उनके कभी ना हार मानने वाले रवैये के कारण उनके टीम के बाकि साथियों पर इसका काफी असर पड़ा क्योंकि उन्होंने साल 2015 में पहली बार विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड का नेतृत्व किया।
बता दें एक कोच के रूप में, ब्रेंडन मैकुलम ने ट्रिनबागो नाइट राइडर्स को अपना चौथा सीपीएल खिताब साल 2020 में जीताया। इसके साथ ही उन्होंने साल 2021 में आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स को सात साल बाद आईपीएल के फाइनल में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं अब जब ब्रैंडन मैकुलम को इंग्लैंड के रेड-बॉल कोच की भूमिका सौंपी गई है तो कई लोगों का मानना है कि क्या उनकी अटैकिंग कोचिंग स्किल के कारण उन्हें व्हाइट-बॉल कोचिंग देना बेहतर होगा?
बेजबॉल का श्रेय अकेले सिर्फ ब्रैंडन मैक्कुलम को नहीं दिया जा सकता है
वहीं इंग्लैंड के एक प्रैक्टिस सेशन के वीडियो को कौन भूल सकता है, जहां ब्रैंडन मैक्कुलम, बेन स्टोक्स और उनकी कंपनी को यह सीखा रहे थे कि, डाउन द ग्राउंड छक्के कैसे मारे जाते हैं। वहीं सूत्रों की मानें तो वह दूसरे लोगों के निर्णयों की परवाह नहीं करते। दरअसल यह इस बारे में है कि वह क्या कर रहें हैं। यह उनकी लाइफ है। बता दें खिलाड़ियों को खुद को एक्सप्रेस करने की आजादी है। बैजबॉल का श्रेय अकेले सिर्फ ब्रैंडन मैक्कुलम को नहीं दिया जा सकता है क्योंकि बिना बेन स्टोक्स के सहमति के ऐसा कर पाना मुश्किल था।
लेकिन इस फैसले में उनकी भी सहमति ब्रैंडन मैक्कुलम को मिला। दोनों ने मिलकर बदलाव करने में कामयाबी हासिल की। हालांकि बेजबॉल के साथ इंग्लैंड कब तक सफलता प्राप्त कर सकता है, इस पर अब नज़र रखी जाएगी। लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि इसने टेस्ट क्रिकेट को एक नया रूप दिया है।