तीन बार जब ICC नॉकआउट मुकाबलों में बल्लेबाज नो-बॉल की वजह से आउट होने से बचे
कभी-कभी ऐसा देखने को मिलता है कि उनकी एक छोटी सी गलती की वजह से मुकाबले का रिजल्ट पूरी तरह से बदल जाता है।
अद्यतन - Jun 18, 2023 1:45 pm

क्रिकेट का चाहे कोई भी प्रारूप हो सभी टीमें यही चाहती है कि वो जबरदस्त प्रदर्शन करें और मैच को अपने नाम करें। हालांकि कभी-कभी ऐसा देखने को मिलता है कि उनकी एक छोटी सी गलती की वजह से मुकाबले का रिजल्ट पूरी तरह से बदल जाता है।
गेंदबाज कभी-कभी ज्यादा उत्साहित होने की वजह से एक बड़ी गलती कर देता है जिसकी वजह से उनकी टीम को काफी चीजों का सामना करना पड़ता है। गेंदबाज की इस गलती की वजह से विरोधी टीम के बल्लेबाज को मौका मिल जाता है और वो उस मौके का काफी अच्छी तरह से फायदा उठाता है।
आज हम आपको बताते हैं ऐसे तीन मौकों के बारे में जब ICC नॉकआउट मुकाबलों में गेंदबाज में नो बॉल फेंकी जिसकी वजह से बल्लेबाज को एक और मौका मिल गया और उन्होंने उसका भरपूर फायदा उठाया।
3- रोहित शर्मा- 2015 वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल

2015 वर्ल्ड कप के दूसरे क्वार्टर फाइनल में भारत और बांग्लादेश के बीच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में मैच खेला जा रहा था। इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया।
भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और शिखर धवन ने अपनी टीम को काफी अच्छी शुरुआत दी, हालांकि 16 ओवर के बाद बांग्लादेश ने जबरदस्त वापसी की और शिखर धवन और विराट कोहली को जल्द पवेलियन की राह दिखाई।
हालांकि रोहित शर्मा ने एक छोर को संभाला और टीम के लिए बड़ा स्कोर बनाया। जब रोहित शर्मा 90 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब रुबेल हॉसैन की एक गेंद पर वो कैच आउट हो गए। हालांकि बाद में इसे नो-बॉल करार दी गई। रोहित शर्मा ने इस मैच में 126 गेंदों में 137 रनों की पारी खेली जिसकी वजह से भारत ने बांग्लादेश को 109 रनों से करारी शिकस्त दी।