इशांत शर्मा का खुलासा, कहा- पहली मुलाकात में विराट कोहली ने मेरे पायजामा को लेकर बनाया था मजाक - क्रिकट्रैकर हिंदी

इशांत शर्मा का खुलासा, कहा- पहली मुलाकात में विराट कोहली ने मेरे पायजामा को लेकर बनाया था मजाक

इशांत शर्मा ने बताया कि, दिल्ली अंडर-17 कैंप के दौरान सबसे पहले उनकी मुलाकात कोहली से हुई थी।

Ishant Sharma And Virat Kohli (Photo Source: Twitter)
Ishant Sharma And Virat Kohli (Photo Source: Twitter)

भारतीय क्रिकेट टीम के गेंदबाज ईशांत शर्मा ने हाल ही में विराट कोहली को लेकर कई खुलासे किए हैं। दरअसल एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने और कोहली के पहली मुलाकात को लेकर बात की। ईशांत शर्मा ने बताया कि कैसे विराट कोहली ने पहली मुलाकात में ही उनका मजाक बनाया था।

दरअसल विराट कोहली और ईशांत शर्मा अपने क्रिकेट करियर के शुरुआती दिनों से ही बहुत अच्छे दोस्त रहे हैं। बता दें दोनों ही खिलाड़ी अंडर-17 के दिनों से एक साथ खेल रहे हैं। इतना ही नहीं दोनों साथ में दिल्ली और भारत के लिए भी मैच खेल चुके हैं। इस दौरान ईशांत शर्मा ने विराट कोहली के करियर के उतार-चढ़ाव भी देखे हैं। जिसके बारे में उन्होंने हाल ही में एक बातचीत में खुलासा किया है।

मेरी गेंदों में लगातार बड़े शॉट खेले- इशांत शर्मा 

बता दें एक पॉडकास्ट को दिए इंटरव्यू में इशांत शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपनी पहली मुलाकात के बारे में खुलासा किया। उन्होंने बताया कि, दिल्ली अंडर-17 कैंप के दौरान सबसे पहले उनकी मुलाकात कोहली से हुई थी। ईशांत शर्मा ने कहा कि, मैं उनसे पहली बार दिल्ली अंडर-17 ट्रायल के दौरान मिला था। मुझे अच्छे से याद है कि मैंने एक छोटा सा लोअर पहना था। वह पहले ही भारत अंडर-19 खेल चुके थे इसलिए मैंने उनका नाम बहुत बार सुना था।

उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा कि, दरअसल उस समय हर कोई कोहली को ‘वीरू’ कहकर बुलाता था। हमारा मैच था पश्चिमी दिल्ली क्रिकेट अकादमी में और उन्होंने उस दौरान मुझे बहुत परेशान किया। मेरी गेंदों में लगातार बड़े शॉट खेले। दरअसल नजफगढ़ में विकेट सड़क की तरह सपाट था। मेरा किसी तरह अंडर-17 ट्रायल के लिए सिलेक्शन हो गया। वहां मेरी कोहली से मुलाकात हुई।

इशांत शर्मा ने आगे कहा कि, तब उन्होंने मजाक में मुझसे कहा कि ,भाई लोअर तो लेले अपने साइज का। मैं तब बहुत शर्मीला था, मुझे समझ नहीं आया। दरअसल तब मुझे नहीं पता था की दूसरों के साथ कैसे बातचीत करनी है। साथ ही मुझे यह भी नहीं पता था कि दिल्ली अंडर-17 में खेलना कितनी बड़ी बात है। दरअसल मेरे पिता जी हमेशा कहते थे, कम से कम रणजी ट्रॉफी में जाने की कोशिश करो ताकि तुम्हें सरकारी नौकरी मिल सके। हालांकि तब किसी ने भी ऐसा नहीं सोचा था कि मैं एक दिन भारत के लिए खेलूंगा।

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