Sanju Samson finally breaks silence on his ODI snub संजू सैमसन ने ODI से

“जब भी वे मुझे चुनेंगे, मैं खेलने जाऊंगा”, श्रीलंका के खिलाफ ODI सीरीज से बाहर होने पर छलका सैमसन का दर्द

श्रीलंका के खिलाफ ODI सीरीज का हिस्सा नहीं थे संजू सैमसन।

Sanju Samson (Image Credit- X)
Sanju Samson (Image Credit- X)

टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन का इंटरनेशनल करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। सैमसन ने लगभग एक दशक पहले भारत के लिए डेब्यू किया था, लेकिन वो अभी तक सिर्फ 30 टी20 और 16 वनडे मैच ही खेल पाए हैं। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करके संजू सैमसन भारतीय टीम में जगह बनाने में कामयाब रहते हैं, मगर जब मौका मिलता है तो वो उसका फायदा नहीं उठा पाते।

हालांकि, साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए अपने आखिरी वनडे में सैमसन ने पहला इंटरनेशनल शतक जड़ा था, मगर इसके बावजूद उन्हें श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में नहीं चुना गया। सेलेक्टर्स अक्सर संजू को उसी सीरीज में मौका देते हैं, जिसमें बड़े खिलाड़ी उपलब्ध नहीं होते। आईपीएल 2024 में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उन्हें टी-20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में चुना गया था, मगर ऋषभ पंत के चलते उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला।

श्रीलंका के खिलाफ ODI सीरीज से बाहर होने पर बोले संजू सैमसन

टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा रहे संजू सैमसन ने हाल ही में केसीए द्वारा आयोजित केरल क्रिकेट लीग के शुभारंभ के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। कार्यक्रम में मौजूद एक पत्रकार ने उनसे श्रीलंका वनडे के लिए नहीं चुने जाने के बारे में सवाल किया। इस सवाल का जवाब देकर बल्लेबाज ने एक बार फिर सभी का दिल जीत लिया। सेलेक्टर्स की शिकायत करने की बजाय संजू सैमसन ने चयन समिति के फैसले को स्वीकार करने की बात कही।

विकेटकीपर-बल्लेबाज ने बताया कि टीम का प्रदर्शन उनके लिए अधिक मायने रखता है और उन्होंने कहा कि वह केवल अपने जीवन में उसी चीज पर ध्यान देते हैं जो चीज उनके नियंत्रण में है। संजू सैमसन ने कहा, “जब भी वे मुझे चुनेंगे, मैं खेलने जाऊंगा। बस इतना ही है! आखिरकार, हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है। मैं एक ऐसा व्यक्ति हूं जो उच्च उद्देश्य में विश्वास करता है। मैं बस नियंत्रणीय परिस्थितियों में चीजों को सकारात्मक रूप से लेने और प्रयास करने की कोशिश करता हूं।”

इसके अलावा सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप जीतने को अपने करियर का सपना सच होने जैसा क्षण बताया। उन्होंने कहा, “पिछले 3-4 महीने मेरे करियर के सबसे बेहतरीन रहे हैं। वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा बनना एक सपने के सच होने जैसा है – कुछ ऐसा जो मैं 3-4 साल पहले से चाहता था। मेरी इच्छा थी कि मैं अपना आखिरी वनडे वर्ल्ड कप खेलूं। हालांकि, टीम में शामिल होने और टी-20 विश्व कप जीतने के बाद ही मुझे एहसास हुआ कि यह आसान काम नहीं था।”

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