ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लिए गए इस फैसले पर फिर भड़के सुनील गावस्कर, कहा -"खेलने जा रहे कि आराम करने..."

आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए लिए गए इस फैसले पर भड़के सुनील गावस्कर, कहा -“खेलने जा रहे कि आराम करने…”

इस साल के अंत में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलियाई धरती पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत पांच टेस्ट मैचों की लंबी सीरीज खेलेगी।

Sunil Gavaskar Jay Shah (Source X)
Sunil Gavaskar Jay Shah (Source X)

एक और महीने में टीम इंडिया का टेस्ट फॉर्मेट का रोमांच शुरू हो जाएगा। भारत घरेलू मैदान पर 19 सितंबर से बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट और 16 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैच खेलेगा। इसके बाद इस साल के अंत में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलियाई धरती पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत पांच टेस्ट मैचों की लंबी सीरीज खेलेगी।

ऑस्ट्रेलियाई धरती पर पिछली दो बॉर्डर-गावस्कर सीरीज जीतने के बाद भारत इस बार भी प्रबल दावेदार नजर आ रहा है। मालूम हो कि टीम इंडिया 2016 से लगातार यह ट्रॉफी जीत रही है। भारत ने 2016/17, 2022/23 में, ऑस्ट्रेलिया ने 2018/19, 2020/21 में ट्रॉफी की मेजबानी की है। लेकिन 1992 के बाद पहली बार भारत, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा। वहीं ऑस्ट्रेलिया दौरे पर प्रैक्टिस मैच को दो दिन का कर दिया गया है।

सुनील गावस्कर बीसीसीआई से हैं खफा 

इस पर भारत के दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि वह यह खबर सुनकर निराश हैं कि सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री प्लेइंग 11 के खिलाफ जो वॉर्म अप मैच है वो दो दिन का कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे युवा खिलाड़ी महत्वपूर्ण ट्रेनिंग से चूक जायेंगे। वहीं दूसरी ओर इसी वजह से ऐसी स्थिति भी बनेगी जहां सीनियर खिलाड़ी प्रैक्टिस करने नहीं जाएंगे।

लेकिन उनका मानना ​​है कि युवा खिलाड़ियों को दो दिवसीय अभ्यास मैच की तुलना में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से अधिक अनुभव मिलेगा। गावस्कर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया दौरे का मुख्य उद्देश्य क्रिकेट खेलना है न कि आराम करना। गावस्कर ने यह भी सुझाव दिया कि बीसीसीआई को अभ्यास मैच को तीन दिन तक बढ़ाने और युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए कदम उठाना चाहिए।

“ऑस्ट्रेलिया बदला लेने का प्यासा है। भारत को अगर ऑस्ट्रेलियाई धरती पर सीरीज जीत की हैट्रिक लगानी है तो सतर्क रहना होगा। लेकिन वॉर्म-अप मैच को तीन दिन का करने में अभी भी समय है। इस प्रैक्टिस में युवा खिलाड़ियों को मौका देना चाहिए। इससे युवा खिलाड़ियों को विश्व टेस्ट चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराने में मदद मिलेगी।”

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