जानें कौन हैं दानिश मालेवार? जिन्होंने विदर्भ के लिए दलीप ट्रॉफी के डेब्यू मैच में ही जड़ दिया दोहरा शतक 

जानें कौन हैं दानिश मालेवार? जिन्होंने विदर्भ के लिए दलीप ट्रॉफी के डेब्यू मैच में ही जड़ दिया दोहरा शतक 

नाॅर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ दानिश ने सेंट्रल जोन के लिए खेलते हुए 203 रनों की कमाल की पारी खेली है।

Danish Malewar (Image Credit- Twitter X)
Danish Malewar (Image Credit- Twitter X)

28 अगस्त को दलीप ट्राॅफी के शुरुआत के साथ ही भारत के 2025-26 के घरेलू क्रिकेट सीजन का आगाज हो चुका है। तो वहीं, दलीप ट्राॅफी के पहले दिन ही विदर्भ के युवा बल्लेबाज दानिश मालेवार (Danish Malewar) ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा। बता दें कि सेंट्रल जोन के लिए खेलते हुए 21 साल के दानिश ने नाॅर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ 203 रनों की कमाल की पारी खेली और रिटायर आउट हुए।

गौरतलब है कि साल 2024 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दानिश मालेवार, काफी तेजी से अपने क्रिकेट ग्राफ को ऊपर की ओर लेते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपने पहले रणजी सीजन में 783 रन बनाए, जिसमें केरल के खिलाफ फाइनल में खेली गई 153 ​​रनों की महत्वपूर्ण पारी भी शामिल है।

इस प्रदर्शन की वजह से विदर्भ ने अपना तीसरा रणजी ट्रॉफी खिताब जीता था। दानिश इस सीजन में यश राठौड़ और करुण नायर के बाद विदर्भ के लिए तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। अब, वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में विदर्भ के पहले शतकवीर खिलाड़ी भी बन गए हैं।

2024 रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट चरणों में उनका शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। मालेवार ने सेमीफाइनल में मुंबई के खिलाफ 79 रनों की जुझारू पारी खेली और फिर केरल के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 52.20 की औसत से सीजन का समापन किया और सीजन के पाँचवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे।

कौन है दानिश मालेवार?

बता दें कि 8 अक्टूबर 2003 को नागपुर में जन्में दानिश तीसरे नंबर पर विदर्भ क्रिकेट टीम के लिए बल्लेबाजी करते हैं। वह अपने शांत स्वभाव और गेंदबाजों को परेशान करने के लिए जाने जाते हैं। दानिश के स्किल कुछ-कुछ राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा से मेल खाते हैं। सिर्फ 10 फर्स्ट क्लास मैचों में ही उन्होंने पांच बार 50+ स्कोर बनाया है।

इसके बाद इन स्कोर को शतक में भी बदला है। फर्स्ट क्लास मैचों में उनका औसत 65.40 का है, जो इस उम्र में हासिल करना वाकई कमाल है। हालांकि, एक मिडिल क्लास परिवार से आने के कारण, इस युवा खिलाड़ी के लिए क्रिकेट की राह आसान नहीं रही है।

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