‘मेरे वनडे आंकड़े बहुत खराब हैं’ – वनडे टीम से बाहर होने पर बोले सूर्यकुमार यादव
टी20 में कमाल दिखाने वाले सूर्यकुमार ने माना, वनडे और टेस्ट में निरंतर प्रदर्शन की कमी से हुआ नुकसान।
अद्यतन - अक्टूबर 19, 2025 8:18 अपराह्न

भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने हाल ही में अपने वनडे प्रदर्शन पर खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके वनडे आंकड़े इतने कमजोर रहे कि चयनकर्ताओं के पास उन्हें टीम से बाहर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
सूर्या ने कहा, मेरे नंबर वनडे में बहुत बेकार हैं। मुझे 25-30 (असल में 37) मैच खेलने का मौका मिला। अगर इतने मौकों के बाद भी मैं खुद को साबित नहीं कर पाया, तो निश्चित रूप से मुझसे कुछ न कुछ गलती हुई है।
सूर्यकुमार ने यह बात न्यूज 24 स्पोर्ट्स से बातचीत में कही, जिसे बाद में एनडीटीवी ने उद्धृत किया। टी20 प्रारूप में टीम को एशिया कप 2025 का खिताब दिलाने वाले सूर्या फिलहाल वनडे और टेस्ट टीम से बाहर हैं। हालांकि वे टी20 क्रिकेट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिने जाते हैं, लेकिन लंबी फॉर्मेट्स में उनका प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा।
वनडे में अच्छा खेलता तो कप्तान बन जाता: सूर्यकुमार यादव
अब तक खेले गए 37 वनडे मैचों में उन्होंने केवल 773 रन बनाए हैं, औसत रहा 25.76 का। वहीं टेस्ट क्रिकेट में उन्हें सिर्फ एक मैच में मौका मिला, जिसमें वे मात्र 8 रन ही बना सके। सूर्या का मानना है कि इन दोनों फॉर्मेट्स में लगातार प्रदर्शन न कर पाने की वजह से ही उन्हें बाहर बैठना पड़ा।
उन्होंने कहा कि अगर वे वनडे क्रिकेट में भी टी20 की तरह निरंतरता दिखा पाते, तो शायद आज वनडे टीम की कप्तानी भी उनके पास होती। सूर्या बोले, “अगर मैं वनडे में अच्छा खेला होता, तो शायद आज मुझे उस फॉर्मेट में भी कप्तानी का मौका मिल सकता था। अब मैं सोचता हूँ कि वनडे में भी पूरी मेहनत करनी चाहिए। यह फॉर्मेट सिर्फ 30 ओवर लंबा है, गेंद का रंग और जर्सी तो वही है। बस अब जब भी मौका मिले, मैं 100% दूँगा।”
वर्तमान में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज चल रही है, जिसका पहला मुकाबला बारिश से प्रभावित रहा। इसके बाद होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में सूर्यकुमार टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि शुभमन गिल उपकप्तान होंगे।
सूर्या ने यह भी बताया कि वे घर पर इस बारे में पत्नी से चर्चा करते हैं। उन्होंने कहा,”कभी कभी मैं सोचता हूँ कि अगर वनडे में अच्छा करता, तो रोहित भाई के बाद शायद मैं कप्तानी का दावेदार बन सकता था। लेकिन अभी मौका नहीं मिला है, और जब मिलेगा, तब मैं उसे जाने नहीं दूँगा।”