Women's World Cup 2025: हरमनप्रीत का गट फीलिंग बना मास्टरस्ट्रोक, शैफाली ने बल्ले और गेंद दोनों से चमक बिखेरी

Women’s World Cup 2025: हरमनप्रीत कौर का ‘गट फीलिंग’ बना भारत की जीत का आधार, शैफाली वर्मा साबित हुईं हुक्म का इक्का

फाइनल में शैफाली वर्मा ने 87 रन की के बाद दो अहम विकेट झटके, हरमनप्रीत के सहज फैसले ने भारत को दिलाई ऐतिहासिक जीत

Harmanpreet Kaur Shafali Verma (Image Credit - Twitter X)
Harmanpreet Kaur Shafali Verma (Image Credit – Twitter X)

महिला विश्व कप 2025 के फाइनल मुकाबले में भारत की जीत के पीछे एक कप्तानी फैसला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा जब हरमनप्रीत कौर ने शैफाली वर्मा को गेंदबाजी करने के लिए बुलाया। यह निर्णय पूरी तरह उनके गट फीलिंग यानी अंतर्ज्ञान पर आधारित था, और यही फैसला मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

दरअसल, शैफाली ने पहले बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 78 गेंदों पर 87 रन बनाए थे, जिसमें सात चौके और दो छक्के शामिल थे। वह जब मैदान पर थीं, तब उनके आत्मविश्वास और लय को देखकर हरमनप्रीत को लगा कि आज शैफाली का दिन है।

कप्तान ने बताया, जब लौरा और सून बल्लेबाजी कर रही थीं, तो मुझे लगा हमें कुछ अलग करना होगा। मैंने शैफाली को देखा जिस तरह वह आज खेल रही थी, लगा कि उसके पास कुछ खास करने का मौका है।

दिल ने कहा कि उसे एक ओवर देना चाहिए, और मैंने वही किया। जब मैंने पूछा कि क्या तुम एक ओवर फेंकोगी? तो वह पूरी तरह तैयार थी। शायद वही पल मैच का सबसे अहम मोड़ था।

शैफाली की चमक से भारत ने रचा इतिहास, हरमनप्रीत का गट फीलिंग बना जीत की कुंजी

शैफाली, जो चोटिल प्रतीका रावल की जगह टीम में शामिल की गई थीं, उन्होंने कप्तान का भरोसा पूरी तरह सही साबित किया। उन्होंने अपने पहले दो ओवरों में ही सून लूस (25) और मारिजैन कप्प (4) के विकेट चटकाए, जिससे दक्षिण अफ्रीका की बारी लड़खड़ा गई। उन्होंने कुल सात ओवर में सिर्फ 36 रन दिए और भारत को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया।

गौरतलब है कि इस फाइनल से पहले शैफाली ने अपने करियर में सिर्फ पाँच वनडे बारियों में गेंदबाजी की थी, लेकिन इस बड़े मंच पर उन्होंने अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया।

उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि दीप्ति शर्मा को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार मिला। दीप्ति ने पूरे टूर्नामेंट में 215 रन बनाए और 22 विकेट हासिल किए।

भारत की इस ऐतिहासिक जीत में हरमनप्रीत के नेतृत्व और शैफाली के जोश ने मिलकर टीम को वह पल दिया जिसकी देश को लंबे समय से प्रतीक्षा थी। यह मैच साबित करता है कि कभी कभी दिल की सुनना भी रणनीति का सबसे मजबूत हिस्सा बन जाता है।

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