आईपीएल स्पॉन्सरशिप से BCCI के पास आएगा बहुत बड़ा खजाना - क्रिकट्रैकर हिंदी

आईपीएल स्पॉन्सरशिप से BCCI के पास आएगा बहुत बड़ा खजाना

टाटा के आने से पहले वीवो के पास 2023 तक का आईपीएल स्पॉन्सरशिप था।

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BCCI. (Photo by Aniruddha Chowhdury/Mint via Getty Images)

भारत की बड़ी बिजनेस कंपनियों में से एक टाटा ग्रुप की इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में धमाकेदार एंट्री हुई है। चाइनीज मोबाइल कंपनी वीवो को हटाकर टाटा ग्रुप आईपीएल का नया टाइटल स्पॉन्सर बन गया है। टाटा ग्रुप की एंट्री से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भी मालामाल हो गया है। टाटा ग्रुप ने आईपीएल के साथ बतौर टाइटल स्पॉन्सर दो साल के लिए करार किया है।

रिपोर्टों के अनुसार, बीसीसीआई को टाटा के साथ हुए सौदे से 130 करोड़ रुपये अधिक का फायदा मिलने की उम्मीद है। बता दें कि आईपीएल के नए सत्र में दो नई टीमों के आने से, बीसीसीआई को 2023 तक वीवो से 996 करोड़ रुपये का लाभ होने की उम्मीद थी। वीवो ने अगले दो सीजन के लिए 440 करोड़ के बदले 2022 और 2023 सीजन के लिए क्रमशः 484 करोड़ रुपये और 512 करोड़ रुपये की पेशकश की थी।

टाटा के संदर्भ में, उन्हें बीसीसीआई को प्रति सीजन 335 करोड़ रुपये प्रदान करने की उम्मीद है और वीवो के सुचारू रूप से बाहर निकलने के लिए, उन्हें बीसीसीआई को 450 करोड़ रुपये (असाइनमेंट शुल्क सहित) देना होगा। उपरोक्त सभी लेनदेन से बीसीसीआई को अगले दो सत्रों में 1124 करोड़ का फायदा होगा।

वहीं अगर कुछ रिपोर्ट्स की माने तो, टाटा आईपीएल प्रायोजन अधिकार के लिए बीसीसीआई के साथ पांच साल के अनुबंध का विस्तार करना चाहते थे। हालांकि, बीसीसीआई 2024-28 सीजन के लिए नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित करेगा जहां टाटा के पास मैच के अधिकार का उपयोग करने का विकल्प होगा, अगर वो वहांउच्चतम बोली लगाते हैं, तो वो अधिकारों को बरकरार रखने में सक्षम होंगे।

अब नजरें होंगी आईपीएल ऑक्शन पर

स्पॉन्सर्स के ऐलान के साथ ही आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष ने यह भी पुष्टि की कि मेगा नीलामी 12 और 13 फरवरी को बैंगलोर में होगी। हालांकि, बीसीसीआई ने फैसला नहीं किया है खिलाड़ियों को साइन करने के लिए दो नई टीमों को कितना समय दिया जाना है। उन्हें कम से कम कुछ हफ्ते का समय दिया जाएगा और एक या दो दिनों में लखनऊ और अहमदाबाद फ्रेंचाइजी को औपचारिक पत्र जारी किए जाने की उम्मीद है।