“बेहद निराशाजनक” – स्कॉट एडवर्ड्स और पॉल स्टर्लिंग समेत कई कप्तानों ने की ICC के नए वनडे वर्ल्ड कप फॉर्मेट की आलोचना
उनका तर्क है कि नया स्ट्रक्चर इस खेल के वैश्विक विकास को बुरी तरह सीमित करता है।
अद्यतन - जुलाई 18, 2026 12:58 अपराह्न

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल द्वारा 2027 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप के लिए नए फॉर्मेट को मंजूरी दिए जाने के बाद, कई बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन (डब्ल्यूसीए) की अगुवाई में, एसोसिएट और फुल मेंबर देशों के कप्तानों और खिलाड़ियों ने अपनी निराशा जाहिर की है। उनका तर्क है कि नया स्ट्रक्चर इस खेल के वैश्विक विकास को बुरी तरह सीमित करता है।
आईसीसी के नए प्लान के तहत, क्वालिफाई करने वाली सबसे कम रैंकिंग वाली तीन टीमों को सबसे पहले “सुपर सीरीज” में खेलना होगा, जिसमें से सिर्फ एक टीम ही 12 टीमों वाले मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना पाएगी। इसके बाद प्रतियोगिता “सुपर 7” स्टेज में आगे बढ़ेगी। आलोचकों का कहना है कि यह फॉर्मेट एक रुकावट की तरह काम करता है और उभरते हुए देशों को क्रिकेट के सबसे बड़े मंच तक पहुंचने से रोकता है।
नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने इस फैसले को “बेहद निराशाजनक” बताया
नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने इस फैसले को “बेहद निराशाजनक” बताया और कहा कि इससे सालों की कड़ी मेहनत का फल प्रभावित होता है। एडवर्ड्स ने कहा, “आईसीसी खेल को दुनिया भर में बढ़ाने की बहुत बातें करता है, लेकिन ऐसे फैसलों से एसोसिएट देशों के लिए बेहतरीन टीमों के खिलाफ खेलना और मुश्किल हो जाता है।” इसी बात से सहमत होते हुए, नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने जोर देकर कहा कि वनडे वर्ल्ड कप इस खेल का सबसे बड़ा मंच है जिसके इर्द-गिर्द खिलाड़ियों का करियर बनता है और उन्होंने क्वालिफिकेशन के लिए सही मौकों की मांग की।
आयरलैंड के कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने फुटबॉल के फीफा वर्ल्ड कप का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे सभी को शामिल करने वाले टूर्नामेंट, उभरते हुए देशों के अप्रत्याशित प्रदर्शन और उनके योगदान से सफल होते हैं। वहीं, स्कॉटलैंड के रिची बेरिंगटन ने आईसीसी से खिलाड़ियों के साथ सार्थक बातचीत करने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि अलग-अलग नजरियों को शामिल करने से बेहतर फैसले लिए जा सकते हैं।