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अब्दुल रज्जाक ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को बताया स्वार्थी, कोच से मतभेदों ने खत्म कर दिया था करियर

अब्दुल रज्जाक ने सरफराज अहमद को बताया आदर्श कप्तान  

Abdul Razzaq of Pakistan. (Photo by Hagen Hopkins/Getty Images)
Abdul Razzaq of Pakistan. (Photo by Hagen Hopkins/Getty Images)

पाकिस्तान के पूर्व तूफानी ऑलराउंडर अब्दुल रज्जाक ने वनडे क्रिकेट के साथ ही टेस्ट क्रिकेट में भी उनके दिनों का सबसे खतरनाक खिलाड़ी माना जाता है। वह जब बल्लेबाजी के लिए उतरते थे तो दुनियाभर के दिग्गज गेंदबाज उनके सामने संभलकर गेंदबाजी करते थे और जब गेंदबाजी करते थे तो बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं देते थे।

रज्जाक ने 1996 में जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से अपने वनडे क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी तो 1999 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने पहला टेस्ट खेला था। रज्जाक एक शक्तिशाली दाएं हाथ के मीडियम पेसर और हार्ड हिटिंग बल्लेबाज थे, जो पाकिस्तान के लिए वनडे में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते थे।

अब्दुल रज्जाक ने पाकिस्तान के लिए 265 वनडे खेलते हुए 3 शतकों की मदद से 5080 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने अपनी टीम के लिए 269 विकेट भी हासिल किए। उन्होंने टीम के लिए 46 टेस्ट खेलते हुए 1946 रन बनाए और 100 विकेट लिए।

सरफराज को बताया पाकिस्तान के लिए आदर्श कप्तान : क्रिकेट पाकिस्तान डॉट कॉम को दिए एक साक्षात्कार में रज्जाक ने पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद की जमकर सराहना की। सरफराज को हाल ही में ICC के नस्लवाद कोड के उल्लंघन के लिए चार अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। सरफराज को आदर्श कप्तान बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर वह इस समय टीम के कप्तान नहीं होंगे तो टीम पूरी तरह से बिखर सकती है। सरफराज ने अपने अच्छे नेतृत्व कौशल के माध्यम से ड्रेसिंग रूम के अंदर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखा है।

पाकिस्तानी खिलाड़ियों को बताया स्वार्थी : अब्दुल रज्जाक ने वर्तमान ने पाकिस्तान की ओर से खेल रहे खिलाड़ियों को स्वार्थी बताया। उन्होंने कहा कि चूंकि खिलाड़ी टीम से पहले व्यक्तिगत प्रदर्शन के बारे में सोचते हैं, इसलिए टीम का प्रदर्शन प्रभावित हुआ।

कोच से मतभेद की वजह से खत्म हुआ करियर : उन्होंने स्पष्‍ट रूप से कहा कि कोच से मतभेद की वजह से ही उनका करियर खत्म हो गया। इस पूर्व ऑलराउंडर का मानना है कि पाकिस्तान को एक स्थानीय मुख्य कोच की आवश्यकता है क्योंकि विदेशी कोचों ने खेल में सुधार के लिए कुछ भी योगदान नहीं दिया है।

रज्जाक ने कहा कि, मेरा मानना है कि केवल पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को कोचिंग कर्तव्यों को सौंप दिया जाना चाहिए, क्योंकि वह युवा क्रिकेटरों के कौशल को ठीक करने के लिए बेहतर ढंग से काम कर सकते हैं।

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