AUS vs IND 2024-25: पर्थ टेस्ट में केएल राहुल के विवादास्पद DRS आउट का अंपायर Simon Taufel ने की विशेष टिप्पणी
राहुल के आउट होने को लेकर क्रिकेट जगत में खास चर्चा देखने को मिल रही है।
अद्यतन - Nov 22, 2024 1:06 pm

भारत का सामना बाॅर्डर-गावस्कर ट्राॅफी सीरीज के पहले मैच में 22 नवंबर से ऑस्ट्रेलिया से पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में हो रहा है। मुकाबले में स्टैंड इन कप्तान जसप्रीत बुमराह ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है, जो टीम के लिए सही साबित नहीं हुआ है।
हालांकि, मैच में जिस तरह से अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल आउट हुए, उसे लेकर क्रिकेट जगत में काफी चर्चा देखने को मिल रही है। काफी गेंद को डिंफेस करने के बाद, राहुल अपनी पारी को धीरे-धीरे बुन रहे थे, लेकिन भारतीय पारी के 23वें ओवर में उन्हें दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट दे दिया गया। भारतीय पारी का यह ओवर ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल स्टार्क करने आए और इस ओवर में उन्होंने राहुल को दूसरी गेंद लेंथ डाली, जो बैट के काफी करीब से गई।
इस दौरान गेंदबाज समेत बाकी खिलाड़ियों ने अपील की, लेकिन ऑनफील्ड अंपायर ने खिलाड़ी को आउट नहीं दिया। लेकिन इस दौरान कप्तान पैट कमिंस ने डीआरएस रिव्यू लिया और थर्ड अंपायर ने राहुल को आउट दे दिया। पर अल्ट्राएज में साफ देखा गया कि गेंद बल्ले से बचाए पैड से लगी है। दूसरी ओर, अब राहुल के डीआरएस आउट पर अनुभवी अंपायर Simon Taufel ने प्रतिक्रिया दी है।
राहुल के डीआरएस आउट पर Simon Taufel ने प्रतिक्रिया
बता दें कि पर्थ टेस्ट में राहुल के आउट होने को लेकर Simon Taufel ने 7 क्रिकेट के साथ चर्चा करते हुए कहा- हमने उस साइड ऑन शॉट में देखा कि RTS पर एक स्पाइक था और बल्ला पैड से दूर था, दूसरे शब्दों में कहें तो बल्ले का निचला हिस्सा पैड तक नहीं पहुंचा था। इसलिए इसे इसके स्वाभाविक क्रम में घुमाते हुए, आपने देखा होगा कि दूसरा स्पाइक (स्नीको पर, बल्ले से पैड टकराने का संकेत देने के लिए) आया है, अगर इसे पूरे रास्ते घुमाया गया होता तो।
तो वहीं इस दौरान कमेंट्री कर रहे पूर्व क्रिकेटर मैथ्यू हेडन ने कहा- हम मान रहे हैं कि (स्निको) बल्ले का बाहरी किनारा हो सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता है। खैर, अंपायर का फैसला आखिरी फैसला होता है, और खिलाड़ी इसका विरोध नहीं कर सकता है। अंपायर के इस फैसले की वजह से राहुल को 74 गेंदों में 26 रनों के स्कोर पर आउट होकर पवेलियन लौटना पड़ा।