कार्लोस ब्रेथवेट ने लगाया इंग्लैंड के कप्तान जो रूट पर भेदभाव का आरोप
वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मैच रहा ड्रॉ।
अद्यतन - मार्च 13, 2022 7:24 अपराह्न

वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। वेस्टइंडीज के सामने इंग्लैंड ने अंतिम दिन 286 रनों का लक्ष्य रखा था। जवाब में विंडीज की टीम अपनी दूसरी पारी को 147/4 स्कोर बनाने में कामयाब रही। एक वक्त को ऐसा लग रहा था कि जो रूट की कप्तानी वाली टीम मैच को आसानी से अपने नाम कर लेगी लेकिन विंडीज के धुरंधर आखिरी दिन मुकाबला ड्रॉ कराने में सफल रहे।
इन सबके बीच वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर कार्लोस ब्रेथवेट ने जो रूट पर आरोप लगाया कि हताश और निराश इंग्लिश कप्तान ने उनकी टीम को वो सम्मान नहीं दिया जिसकी वो हकदार थी। साथ में उन्होंने यह भी कहा कि, अगर भारत, ऑस्ट्रेलिया या कोई अन्य बड़ा देश होता तो रूट का व्यवहार ऐसा नहीं होता।
कार्लोस ब्रेथवेट ने लगाया जो रूट के व्यवहार पर बड़ा आरोप
BT Sport से बात करते हुए ब्रेथवेट ने कहा कि, “मेरे मुताबिक अगर मैं वेस्टइंडीज के ड्रेसिंग रूम में मौजूद सीनियर खिलाड़ी होता तो यह मुझे थोड़ा अपमानजनक लगता कि अंतिम घंटे में दो खिलाड़ियों के क्रीज पर जमे होने और पिच से कोई मदद नहीं मिलने के बावजूद, इंग्लैंड को लगता था कि वो छह विकेट हासिल कर सकते हैं और उन्होंने तब तक इंतजार किया जब तक सिर्फ पांच गेंद बची रह गई।”
उन्होंने आगे कहा कि, ‘‘अगर यह एशेज टेस्ट होता तो भी क्या इंग्लैंड ऐसा करता? क्या वे भारत, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ भी ऐसा करते? मुझे लगता है कि जवाब नहीं होता तो फिर उन्होंने हमारे खिलाफ ऐसा क्यों किया। अगर वेस्टइंडीज को प्रतिबद्धता की जरूरत है तो मुझे लगता है कि उसे खेल के उस हिस्से से यह मिलेगी। उन्हें सोचना चाहिए कि हमारे पास दो टेस्ट है यह साबित करने के लिए कि इंग्लैंड जैसा सोचता है हम उससे अधिक बेहतर हैं।”
इंग्लैंड के 286 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने अंतिम सत्र की शुरुआत में 67 रन तक चार विकेट गंवा दिए थे लेकिन एनक्रुमाह बोनर (138 गेंद में 38 रन) और जेसन होल्डर (101 गेंद में 37 रन) ने मिलकर 239 गेंद खेली और इस दौरान 35 ओवर में 80 रन जोड़कर इंग्लैंड से जीत छीन लिया।