पीयूष चावला को लेकर आर अश्विन ने किया बड़ा खुलासा, कहा- उन्होंने अपने बेटे को गेंदबाज नहीं बनने की दी चेतावनी
पीयूष चावला के सेंस ऑफ ह्यूमर की बराबरी कोई नहीं कर सकता- आर अश्विन
अद्यतन - May 10, 2023 12:32 pm

आईपीएल के 16 वें सीजन में मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के गेंदबाज पियूष चावला (Piyush Chawla) का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। वहीं हाल ही में राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने पियूष चावला को लेकर बड़ा खुलासा किया है।
दरअसल अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत करते हुए रविचंद्रन अश्विन ने पीयूष चावला से जुड़ा एक मजेदार किस्सा शेयर किया है। उन्होंने बताया कि पीयूष चावला नहीं चाहते हैं कि उनका बेटा गेंदबाज बने। दरअसल आर अश्विन ने कहा कि, पियूष चावला का मजाक करने का अंदाज एकदम शानदार है और उन्होंने कमेंट्री के दौरान काफी चीजें भी सीखी हैं।
पीयूष चावला के सेंस ऑफ ह्यूमर की बराबरी कोई नहीं कर सकता। दरअसल मैच से पहले जब हम प्रैक्टिस कर रहे थे, तब मैंने उनसे कहा कि भाई आप कमेंट्री भी कर रहे थे और अचानक से गेंदबाजी भी कर रहे हैं और साथ ही विकेट भी चटका रहे हैं।
पीयूष चावला ने अपने बेटे को गेंदबाज बनने से मना किया है- रविचंद्रन अश्विन
तब पीयूष ने मुझे जवाब दिया कि – उन्होंने (MI) मुझे बुलाया और गेंदबाजी करने को कहा। इसलिए मैं टीम से जुड़ गया। दरअसल जब आप कमेंट्री करते हैं तो आपकी गेंदबाजी भी काफी बेहतर होती जाती है। इसके अलावा अश्विन ने बताया कि पीयूष चावला ने अपने बेटे को गेंदबाज बनने से मना किया है क्योंकि वह चाहते हैं कि उनका बेटा बल्लेबाज बने।
दरअसल अश्विन ने बताया कि, चावला ने बातचीत के दौरान उन्होंने मुझसे कहा कि, मेरा बेटा हर मैच देखता है और मुझे टॉर्चर करता है। तब मैंने अपने बेटे से पूछा कि क्रिकेट पसंद है क्या? बेटे ने जवाब दिया कि उसे गेम से प्यार है और वो अपने परिवार के साथ बैठकर टीवी पर मैच देखता है। दरअसल पीयूष ने मुझे बताया कि उनका बेटा 7 साल का है और अगर वो गेंद को छू ले तो वो उसके हाथ पर मार देते हैं और उसके हाथ में बल्ला पकड़ा देता है।
अश्विन ने बताया कि, पीयूष ने मुझसे कहा कि मैंने मुंबई इंडियंस फ्रेंचाइजी को पहले ही कह दिया है कि एक अच्छा बल्लेबाज तैयार हो रहा है तो 20 करोड़ रुपये अलग से रख दे। मैं सुबह उसको गेंदबाजी करता हूं। अगर मुझे वे आईपीएल में गेंदबाजी के लिए 50 लाख रुपये दे रहे हैं। तो अगर मेरा बेटा बहुत अच्छी बल्लेबाजी करेगा तो 10 साल में वो उसे 20 करोड़ रुपये देंगे।