“Crush For Good Reason”- भारत की जीत के बाद Rahul Dravid को लेकर Richa Chadha ने किया स्पेशल पोस्ट
ऋचा चड्ढा ने भारत की वर्ल्ड कप जीत के बाद हेड कोच राहुल द्रविड़ को थैंक्यू कहते हुए सोशल मीडिया पर खास पोस्ट किया है
अद्यतन - Jun 30, 2024 6:01 pm

भारत के टी20 वर्ल्ड कप जीतने के साथ हेड कोच के रूप में राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) का कार्यकाल खत्म हो चुका है। द्रविड़ ने आखिरी मैच में वर्ल्ड चैंपियन कोच बनकर शानदार विदाई ली है। टीम इंडिया के चैंपियन बनने के बाद राहुल द्रविड़ मैदान में बच्चों की तरह उछल कूद कर अपना उत्साह दिखाते हुए नजर आए थे। आपको बता दें फाइनल मैच से पहले सोशल मीडिया पर #DoItForDravid भी बहुत ज्यादा ट्रेंड कर रहा था।
टी20 वर्ल्ड कप के समापन के बाद फैंस, दिग्गज खिलाड़ी और बॉलीवुड सितारे जमकर द्रविड़ की तारीफ करते हुए नजर आ रहे हैं। एक्ट्रैस ऋचा चड्ढा ने सोशल मीडिया पर राहुल द्रविड़ को लेकर एक खास पोस्ट किया है, जो चर्चा बटोर रहा है।
थैंक्यू मिस्टर द्रविड़- ऋचा चड्ढा ने लिखी यह खास बात
बॉलीवुड एक्ट्रैस ऋचा चड्ढा ने सोशल मीडिया पर अपने बचपन की एक खास तस्वीर साझा की है, जिसके बैकग्राउंड में राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) का पोस्टर दीवार पर लगा हुआ है। ऋचा ने भारत की वर्ल्ड कप जीत के बाद हेड कोच राहुल द्रविड़ को थैंक्यू कहते हुए लिखा, “Childhood crush for good reason #TheWall thank you again Mr Dravid”- “अच्छे कारण के लिए बचपन के क्रश, एक बार फिर धन्यवाद मिस्टर द्रविड़”
यहां देखें ऋचा चड्ढा का सोशल मीडिया पोस्ट-
Childhood crush for good reason #TheWall 💪🏼❤️thank you again Mr Dravid. pic.twitter.com/4SK1w7d9Cq
— RichaChadha (@RichaChadha) June 29, 2024
मैं खिलाड़ी के रूप में ट्रॉफी जीतने के लिए लकी नहीं था- Rahul Dravid
राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) एक खिलाड़ी के तौर पर कभी वर्ल्ड कप नहीं जीत पाए थे। लेकिन एक कोच के तौर पर भारत के लिए ट्रॉफी जीतने का उनका सपना पूरा हो चुका है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल जीतने के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए राहुल द्रविड़ ने कहा था,
एक खिलाड़ी के रूप में, मैं ट्रॉफी जीतने के लिए लकी नहीं था लेकिन मैंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। हालांकि, यह खेल का हिस्सा है। ऐसे कई अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें मैं जानता हूं, जिन्होंने कोई ट्रॉफी नहीं जीती है। मैं भाग्यशाली था कि मुझे एक टीम का कोच बनने का मौका दिया गया और इन लड़कों के ग्रुप ने मेरे लिए यह ट्रॉफी जीतना संभव बना दिया। यह एक बहुत अच्छा एहसास है लेकिन ऐसा नहीं है कि मैं कुछ मुक्ति के लिए था और यह सिर्फ एक काम था जो मैं कर रहा था।