श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन करने वाले रॉकस्टार रवींद्र जडेजा के मुरीद हुए दानिश कनेरिया
रवींद्र जडेजा ने मोहाली टेस्ट मैच में बल्ले से 175 रन बनाने के साथ गेंद से भी मैच में कुल 9 विकेट हासिल किए।
अद्यतन - मार्च 7, 2022 4:45 अपराह्न

भारत और श्रीलंका के बीच मोहाली में पहले टेस्ट के दौरान भारतीय टीम के स्टार आलराउंडर रवींद्र जडेजा ने पहले अपने बल्लेबाजी से शानदार प्रदर्शन करते हुए मेहमान टीम के गेंदबाजों को खासा परेशान किया। उसके बाद अपनी शानदार गेंदबाजी से श्रीलंका के बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। 33 वर्षीय ने मध्यक्रम में एक सफल आलराउंडर की भूमिका निभाई और आखिर तक टीम के लिए खड़े रहे। भारतीय टीम ने इस मुकाबले को पारी और 222 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया।
हालांकि टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज कप्तान रोहित शर्मा और मयंक अग्रवाल मैदान में ज्यादा समय नहीं बिता सके। भारतीय टीम की तरफ से हनुमा विहारी (58), रिषभ पंत (96), आर अश्विन (61) और जडेजा (175) द्वारा शानदार पारियां खेली गई। विराट कोहली के आउट होने के बाद ऋषभ पंत ने 9 चौके और 4 छक्कों के साथ 96 रनों की तेज पारी खेली लेकिन दुर्भाग्यवश वह शतक नहीं बना सके। उसके बाद बल्लेबाजी करने आये जडेजा ने मेहमान टीम के गेंदबाजों का डटकर सामना किया।
जडेजा ने 225 गेंदों में 17 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 175 रनों की पारी खेली और गेंद से भी शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों पारियों में उन्होंने 9 विकेट हासिल किए। भारतीय आलराउंडर के इस प्रदर्शन को देखने के बाद पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने उनकी जमकर तारीफ की है।
“जडेजा अपने इस प्रदर्शन को लम्बे समय तक याद रखेंगे”- दानिश कनेरिया
पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने यूट्यूब पर एक वीडियो में रवींद्र जडेजा को लेकर कहा “भारतीय टीम ने इस मुकाबले को तीन दिन में ही खत्म कर दिया। सर रवींद्र जडेजा ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया। अगर पिछले 2 या 3 साल के प्रदर्शन को देखा जाए तो वह तीनो प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने अपने अभी तक के करियर से काफी अनुभव प्राप्त किया है।”
उन्होंने आगे कहा “जडेजा ने यह दिखाया कि पारी को कैसे गति देनी चाहिए, घरेलू क्रिकेट में तीन तिहरे शतक इस बात का सबूत हैं। वह बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन करने में सक्षम हैं इसलिए आप उन्हें टीम से बाहर नहीं कर सकते हैं।”
वहीं दानिश कनेरिया ने रवींद्र जडेजा के दोहरा शतक ना पूरे करने और टीम को पहले रखने के फैसले पर भी जमकर तारीफ करते हुए कहा कि, इसमें मुझे जो एक बात सबसे ज्यादा पसंद आई वह यह कि जब जडेजा को अपना दोहरा शतक पूरा करने के लिए तकरीबन 25 रन बनाने थे। तो कुलदीप यादव जो मैदान पर एक एक संदेश लेकर आए थे, उनसे जडेजा ने इसके लिए रुकने से मना कर दिया। जिसमें जडेजा को इस बात का आभास था कि श्रीलंकाई टीम अभी काफी थकी हुई और ऐसे में उनको बल्लेबाजी के लिए बुलाने पर दिन के अंत तक टीम 4 से 5 विकेट हासिल भी कर सकती है।