वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी के मुरीद हुए आकाश चोपड़ा, कहा 'उसने अपना खेल नहीं बदला'

वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी के मुरीद हुए आकाश चोपड़ा, कहा ‘उसने अपना खेल नहीं बदला’

जिम्बाब्वे के खिलाफ विस्फोटक पारी के बाद, पूर्व भारतीय ओपनर ने बांधे युवा स्टार की तारीफों के पुल

Aakash Chopra Vaibhav Sooryavanshi (Image credit Twitter - X)
Aakash Chopra Vaibhav Sooryavanshi (Image credit Twitter – X)

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए सभी का दिल जीत लिया। हरारे में खेले गए इस मैच में भारत ने 7 विकेट से आसान जीत दर्ज की।

इस जीत के साथ टीम इंडिया ने इंग्लैंड दौरे की निराशा को पीछे छोड़ते हुए विजयी शुरुआत की। वैभव ने सिर्फ 18 गेंदों में अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया और भारत की जीत को बेहद आसान बना दिया।

आकाश चोपड़ा ने की जमकर तारीफ

पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने वैभव की बल्लेबाजी की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में दबाव झेलने के बाद भी वैभव ने अपने खेलने का तरीका नहीं बदला।

चोपड़ा के अनुसार, यही एक अच्छे खिलाड़ी की पहचान होती है। उन्होंने कहा कि वैभव को पहले टीम में मौका मिला, फिर बाहर बैठना पड़ा, ऐसे में दोबारा खेलने पर रन बनाने का दबाव स्वाभाविक था। लेकिन, उन्होंने बिना डरे अपने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की।

15 वर्षीय वैभव ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। हालांकि, उस दौरे पर वह तीन मैचों में सिर्फ 42 रन ही बना सके थे। ऐसे में जिम्बाब्वे के खिलाफ यह पारी उनके आत्मविश्वास के लिए बेहद अहम रही। उन्होंने 50 रन की पारी में चार चौके और चार छक्के लगाए तथा 263.13 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।

आकाश चोपड़ा का मानना है कि जिम्बाब्वे की परिस्थितियां वैभव के लिए नई नहीं थीं। वह 2025 अंडर-19 विश्व कप के दौरान भी वहां खेल चुके हैं। उस टूर्नामेंट में उन्होंने 439 रन बनाए थे। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी 80 गेंदों में 175 रन की यादगार पारी ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया था। इसलिए हरारे की पिचों पर उन्हें खेलने में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई।

तो वहीं, वैभव की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 126 रन का लक्ष्य सिर्फ 13.2 ओवर में हासिल कर लिया। कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में यह भारत की पहली टी20 जीत रही।

इससे पहले टीम आयरलैंड के खिलाफ दो मैच और इंग्लैंड के खिलाफ पूरी सीरीज हार चुकी थी। ऐसे में यह जीत टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई, जबकि वैभव सूर्यवंशी ने यह दिखा दिया कि वह बड़े मंच पर भी बेखौफ क्रिकेट खेलने का दम रखते हैं।

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