ड्यूक गेंद से इंग्लैंड टीम को क्या शिकायत है? - क्रिकट्रैकर हिंदी

ड्यूक गेंद से इंग्लैंड टीम को क्या शिकायत है?

तीसरे दिन ड्यूक गेंद में स्विंग देखने को नहीं मिली: पॉल कॉलिंगवुड

New ball. (Photo by Philip Brown/Popperfoto/Popperfoto via Getty Images)
New ball. (Photo by Philip Brown/Popperfoto/Popperfoto via Getty Images)

इंग्लैंड और भारत के बीच सीरीज का चौथा टेस्ट ओवल के मैदान पर खेला जा रहा है। मैच का तीसरा दिन इंग्लैंड के गेंदबाजों के लिए काफी निराशाजनक रहा क्योंकि पूरे दिन उनके हाथ सिर्फ दो विकेट लगे। वहीं, भारत तीसरे दिन के खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में 3 विकेट के नुकसान पर 270 रन बना चुका है और मैच में फिलहाल 171 रनों से आगे है। तीसरे दिन के खेल के दौरान गेंद ज्यादा स्विंग भी नहीं हो रही थी जिसे देखकर इंग्लैंड के सहायक कोच पॉल कॉलिंगवुड काफी हैरान थे।

खेले गए तीनों दिन की तुलना की जाए तो सबसे ज्यादा 13 विकेट मैच के पहले दिन गिरे जबकि तीसरे दिन के खेल में मात्र 3 विकेट गिरे। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता जा रहा है, ओवल की पिच बल्लेबाजों के लिए और आसान होती जा रही है। तीसरे दिन जब इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने दूसरी नई गेंद ली तो उसके बाद ओली रॉबिंसन ने नई गेंद का पूरा फायदा भारत के दो सेट बल्लेबाजों पुजारा और रोहित को आउट किया।

गेंद को लेकर क्या बोले पॉल कॉलिंगवुड

तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद रिपोर्टर से बातचीत करते हुए कॉलिंगवुड ने कहा कि “मुझे लगा कि उन्होंने अनुशासन के साथ अच्छी गेंद डाली लेकिन एक चीज जिसने सबसे ज्यादा हैरान किया, वह ड्यूक गेंद में स्विंग की कमी थी। हम सबको पता है कि जब भी हवा में गेंद हिलती है और विकेट से उछाल मिलता है तो उस परिस्थिति में भारत के बल्लेबाज दिक्कत में नजर आते हैं। स्विंग ना मिलने से हम काफी हैरान थे। हमने अपनी तरफ से हरसंभव प्रयास किया लेकिन गेंद में स्विंग नहीं मिली।”

इंग्लैंड में टेस्ट मैच के लिए ड्यूक गेंद का इस्तेमाल किया जाता है

इंग्लैंड में सभी टेस्ट मैच ड्यूक की गेंदों से खेले जाते हैं। कूकाबुरा और एसजी की तुलना में ये गेंद अधिक लाल और गहरे रंग की होती है जिसके कारण ये अधिक समय तक स्विंग होती है। बिना मशीन के तैयार की जाने वाली यह गेंद इंग्लैंड जैसी परिस्थतियों में बेहद कारगर साबित होती है और तेज गेंदबाज इसके साथ और अधिक घातक हो जाते हैं। ड्यूक गेंद का इस्तेमाल इंग्लैंड और वेस्टइंडीज में किया जाता है, जबकि कूकाबुरा गेंद का इस्तेमाल ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान में किया जाता है। भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां टेस्ट मैच के लिए एसजी गेंद का इस्तेमाल किया जाता है।