'द हंड्रेड' में खेलने के लिए फातिमा सना ने छोड़ी श्रीलंका सीरीज, बर्मिंघम फीनिक्स से जुड़ेंगी पाकिस्तानी कप्तान

‘द हंड्रेड’ में खेलने के लिए फातिमा सना ने छोड़ी श्रीलंका सीरीज, बर्मिंघम फीनिक्स से जुड़ेंगी पाकिस्तानी कप्तान

यह उनके करियर का एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।

fatima sana (Image credit Twitter - X)
fatima sana (Image credit Twitter – X)

पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की कप्तान फातिमा सना श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का हिस्सा नहीं होंगी। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने उन्हें इंग्लैंड की प्रतिष्ठित महिला द हंड्रेड लीग में खेलने की अनुमति दी है।

हालांकि, फातिमा पहले श्रीलंका दौरे की वनडे सीरीज खेलेंगी, क्योंकि यह आईसीसी महिला चैंपियनशिप का हिस्सा है। वनडे मुकाबले समाप्त होने के बाद वह सीधे इंग्लैंड रवाना होंगी और अपनी फ्रेंचाइजी बर्मिंघम फीनिक्स से जुड़ जाएंगी।

पाकिस्तान की पहली महिला खिलाड़ी बनीं

फातिमा सना ने हाल ही में एक नई उपलब्धि अपने नाम की थी। वह पाकिस्तान की पहली महिला क्रिकेटर बनीं, जिन्हें महिला द हंड्रेड लीग की किसी टीम ने चुना। बर्मिंघम फीनिक्स ने उन्हें वाइल्डकार्ड ड्राफ्ट के जरिए अपनी टीम में शामिल किया।

यह उनके करियर का एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। पीसीबी का मानना है कि इस लीग में खेलने से उन्हें दुनिया की बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ खेलने और अपने खेल को और बेहतर बनाने का मौका मिलेगा।

विश्व कप में किया था शानदार प्रदर्शन

हाल ही में समाप्त हुए महिला टी20 विश्व कप में फातिमा सना पाकिस्तान की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी रहीं। टीम का प्रदर्शन भले ही उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार योगदान दिया।

उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में तेज गेंदबाजों में सबसे ज्यादा विकेट लिए और अपनी किफायती गेंदबाजी से भी सभी का ध्यान खींचा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने मुश्किल परिस्थिति में नाबाद अर्धशतक लगाने के साथ अहम विकेट भी हासिल किए थे, जिससे उनकी हर तरफ सराहना हुई।

महिला द हंड्रेड फातिमा सना के करियर की तीसरी विदेशी टी20 लीग होगी। इससे पहले वह महिला कैरेबियन प्रीमियर लीग और न्यूजीलैंड की घरेलू टी20 प्रतियोगिता में भी खेल चुकी हैं।

लगातार अलग-अलग देशों की लीगों में खेलने से उनका अनुभव बढ़ा है और यही वजह है कि पीसीबी ने उनके विकास को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया। उम्मीद की जा रही है कि इंग्लैंड में खेलने का अनुभव भविष्य में पाकिस्तान महिला टीम के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होगा और फातिमा एक बेहतर ऑलराउंडर के रूप में उभरकर सामने आएंगी।

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