“उन्हें नियमों का पालन करना होगा, घरेलू क्रिकेट खेलना होगा”, ईशान किशन की मनमानी पर बोले जय शाह
बुची बाबू टूर्नामेंट में झारखंड की कप्तानी कर रहे हैं ईशान किशन।
अद्यतन - अगस्त 17, 2024 6:26 अपराह्न

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने साल की शुरुआत में श्रेयस अय्यर और ईशान किशन को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया था। अय्यर ने पीठ की ऐंठन का हवाला देते हुए रणजी ट्रॉफी में मुंबई के सेमीफाइनल मुकाबले को छोड़ने का फैसला किया था, जबकि ईशान किशन ने पूरे घरेलू रेड-बॉल टूर्नामेंट से बाहर रहने का फैसला किया, जिससे बीसीसीआई अधिकारी और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर नाराज हो गए।
बीसीसीआई सचिव जय शाह ने हाल ही में स्वीकार किया कि इन दोनों क्रिकेटरों को मैसेज देने के लिए उन्हें केंद्रीय अनुबंध से हटाया गया। उन्होंने कहा कि कठोर सजा जरूरी थी, क्योंकि इससे उन्हें रेड बॉल क्रिकेट में वापस लाया जाएगा। अब बुची बाबू टूर्नामेंट के बाद ईशान किशन 5 सितंबर से शुरू हो रहे दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट में खेलते हुए भी दिखेंगे।
शाह ने यह भी कहा कि यदि कोई खिलाड़ी घायल हो जाता है और टेस्ट टीम से बाहर हो जाता है, तो उसे राष्ट्रीय टीम में शामिल होने से पहले घरेलू सर्किट में खुद को फिर से साबित करना होगा। उन्होंने रवींद्र जडेजा का उदाहरण दिया, जो दलीप ट्रॉफी में खेलने वाले एकमात्र ए+ ग्रेड वाले क्रिकेटर हैं।
ईशान किशन को लेकर जय शाह ने भेजा कड़े शब्दों में संदेश
टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से जय शाह ने कहा कि, “अगर आप दलीप ट्रॉफी टीम पर नजर डालें तो रोहित और विराट के अलावा बाकी लोग खेलेंगे। जय शाह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, “मेरे द्वारा उठाए गए कठोर कदमों के कारण श्रेयस अय्यर और ईशान किशन दलीप ट्रॉफी खेल रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि, “हम थोड़े सख्त रहे हैं। जब रवींद्र जडेजा चोटिल हो गए थे तो मैंने ही उन्हें फोन किया था और घरेलू मैच खेलने के लिए कहा था। अब यह तय है कि जो भी चोटिल होकर बाहर जाएगा, वह घरेलू क्रिकेट में अपनी फिटनेस साबित करने के बाद ही भारतीय टीम में आ सकता है।”
बीसीसीआई सचिव जय शाह ने ईशान की वापसी को लेकर छोटा मगर क्लियर मैसेज दिया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद रखने वाले किसी भी खिलाड़ी को घरेलू क्रिकेट को महत्व देना होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ईशान को बोर्ड के नियमों का पालन तो करना होगा। शाह ने कहा कि, ”उन्हें नियमों का पालन करना होगा। उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलना होगा।”