युजवेंद्र चहल ने अपने करियर के शुरुआती दौर में डेनियल विटोरी की मदद को किया याद, बताया उनकी दी हुई महत्वपूर्ण सलाह
युजवेंद्र चहल ने कहा कलाई की स्थिति पर डेनियल विटोरी की सलाह आज भी उनकी मदद करती है।
अद्यतन - फरवरी 2, 2022 6:41 अपराह्न

भारत के स्पिनर युजवेंद्र चहल ने खुलासा किया है कि उनके रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के साथ शुरुआती दिनों में डेनियल विटोरी ने उनकी गेंदबाजी में सुधार करने में महत्वपूर्ण निभाई है। चहल ने यह भी बताया कि RCB के पूर्व कोच डेनियल विटोरी ने उनके साथ कड़ी मेहनत की और अभ्यास सत्र के दौरान उनके साथ अतिरिक्त समय बिताया ताकि उनकी गेंदबाजी में मदद कर सके। उन्होंने कहा डेनियल विटोरी की कलाई की स्थिति के बारे में सलाह आज भी उनके लिए मददगार है।
आपको बता दें, युजवेंद्र चहल भारतीय क्रिकेट टीम के फ्रंटलाइन स्पिनरों में से एक रहे हैं। लेग स्पिनर ने 59 एकदिवसीय मैचों में 99 विकेट और 50 T20I मैचों में 64 विकेट हैं। इसके अलावा, वह RCB के लिए भी एक सफल और महत्वपूर्ण गेंदबाज रहे हैं। युजवेंद्र चहल 2014 में RCB से जुड़े थे और आईपीएल में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टीम में चुना गया था। उन्होंने अगले पांच आईपीएल सीजन में डेनियल विटोरी के साथ काम किया और वह उनके लिए बड़ी मदद साबित हुए।
युजवेंद्र चहल ने डेनियल विटोरी के सपोर्ट को किया याद
युजवेंद्र चहल ने आर अश्विन को अपने यूट्यूब चैनल पर बताया जब वह आरसीबी से 2014 में जुड़े थे तब डेनियल विटोरी टीम के मुख्य कोच बन गए थे। उन्होने आगे कहा न्यूजीलैंड के दिग्गज खिलाड़ी आरसीबी में उनके शुरुआती दिनों में उनके लिए एक बड़ी मदद थे। उन्होंने एक गेंदबाज के तौर पर, एक इंसान के तौर पर, और एक क्रिकेट के जानकार के तौर पर उनकी बहुत मदद की। युजवेंद्र चहल ने आगे बताया आरसीबी के पूर्व कोच कभी भी उनकी गेंदबाजी शैली को नहीं बदलते थे, वह उन्हें सिर्फ यह बताते थे कि गेंद कैसे बाहर आ रही है और क्या यह बहुत अधिक बहती है, इस तरह की कई चीजें।
स्पिनर ने आगे बताया की कैसे डेनियल विटोरी उनसे ओपन विकेटों पर अतिरिक्त ओवर फेंकने के लिए कहते थे। उन्ही ओवरों के दौरान उन्होंने उनके शरीर की छोटी-छोटी हरकतों पर काम किया जिससे उन्हें बहुत मदद मिली। युजवेंद्र चहल ने यह भी बताया की आरसीबी के पूर्व कोच उन्हें 3-4 मैच के बाद गेंदबाजी के वीडियो भेजते थे, लेकिन उन्होंने कभी भी उन पर कोई दबाव नहीं डाला।
हरियाणा के स्पिनर ने यह भी बताया कि कैसे कलाई की स्थिति पर पूर्व स्पिनर डेनियल विटोरी की सलाह आज भी उनकी मदद करती है। चहल ने उन्हें अपने पसंदीदा बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में भी चुना। उन्होंने अंत में कहा न्यूजीलैंड के दिग्गज ने उनसे कहा था अंतिम क्षण में कलाई की स्थिति बदलने से बल्लेबाज के लिए इसे पढ़ना मुश्किल हो जाता है। तब उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें एक्शन बदलने की जरूरत नहीं है, बल्कि कलाई की स्थिति ही एकमात्र महत्वपूर्ण कारक होती है किसी भी बल्लेबाज को ढेर करने के लिए, और आज तक यह सलाह अभी भी उनकी मदद करती है।