IND vs ENG: दूसरे टेस्ट में जो रूट का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है ध्रुव जुरेल
भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैच की टेस्ट सीरीज का दूसरा टेस्ट 2 फरवरी से विशाखापट्टनम में शुरू हो रहा है।
अद्यतन - फरवरी 1, 2024 3:28 अपराह्न

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैच की टेस्ट सीरीज का दूसरा टेस्ट 2 फरवरी से विशाखापट्टनम में शुरू हो रहा है। तमाम लोग इस महत्वपूर्ण टेस्ट मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बता दें, ध्रुव जुरेल को भी इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
हैदराबाद में खेले गए इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट से पहले जिओसिनेमा के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने बड़ा बयान दिया है।
जब भारतीय टीम में शामिल होने का कॉल आपके पास आया?
हम लोग उस दिन अभ्यास कर रहे थे और शाम को मैं जब सोने जा रहा था तब मैंने ऐसे ही बीसीसीआई टीवी खोला और उसमें अपने नाम को देखा। मैं काफी हैरान था। हर बच्चा यही चाहता है कि वो भारत की राष्ट्रीय टीम से खेले और जैसे ही मैंने अपना नाम देखा मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि मैं अपने सपने को जी रहा हूं।
भारतीय टीम तक का सफर?
जो भी क्रिकेटर मिडिल क्लास परिवार का होता है उसका यही सपना होता है कि वो भारतीय टीम की ओर से खेले। हालांकि जब आप क्रिकेट में अपना करियर शुरू कर रहे होते हैं तब बहुत से लोगों के खिलाफ आप लड़ रहे होते हैं मानसिक रूप से भी और पैसों की कमी से भी।
जैसे ही मैंने अपना नाम देखा मेरी आंखों के सामने मेरी मेहनत आ गई। मैं अपने परिवार वालों के साथ और बहन के साथ इन्हीं सब की बातचीत कर रहा था।
घरेलू क्रिकेट का महत्व?
घरेलू क्रिकेट का काफी महत्व होता है क्योंकि आपको अपनी टीम को मैच जिताना होता है। हम हर राज्य के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों का सामना करते हैं। घरेलू क्रिकेट में सिर्फ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी ही खेलते हैं। हर राज्य की क्रिकेट की पिच अलग होती है जैसे अहमदाबाद के क्रिकेट की पिच की परिस्थिति और दिल्ली की परिस्थिति काफी अलग होगी।
हम अपने घर में और बाहर रणजी ट्रॉफी के मैच खेलते हैं जहां का मौसम भी काफी अलग होता है। हमें ऐसी ही परिस्थिति में जबरदस्त प्रदर्शन करना होता है।
विकेटकीपिंग को लेकर क्या बोलना चाहेंगे?
मुझे विकेटकीपिंग करना बहुत ही पसंद है। काफी अच्छा लगता है कि गेंद मेरे पास आ रही है। गेंद मैच में सबसे ज्यादा कीपर के पास ही आती है। बल्लेबाजी से ज्यादा मैं विकेटकीपिंग का लुफ्त उठाता हूं। विकेटकीपिंग की वजह से मुझे बल्लेबाजी में भी काफी मदद मिली है। जब हम लोग पहले गेंदबाजी कर रहे होते हैं तब मुझे समझ में आ जाता है कि विकेट में क्या बदलाव है और उसी तरीके से मैं शॉट्स खेलता हूं।
महेंद्र सिंह धोनी से मिलने का अनुभव?
मैं हमेशा ही महेंद्र सिंह धोनी का बहुत बड़ा फैन रहा हूं। पिछले साल मुझे उनसे बात करने का मौका मिला था और मैंने उनसे पूछा था कि जब आप अंदर जाते हैं तब आपकी मानसिकता क्या होती है? उन्होंने कहा था कि, ‘आप बस गेंद को देखकर खेलें। और किसी चीज को सोचने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। जो भी दबाव आ रहा है वो बाहर से आ रहा है।
आपको यह सोचना होगा कि गेंदबाज के खिलाफ कैसे शॉट्स खेलने हैं और इसी तरीके से आपको तैयारी करनी होगी। आपको अपने को ज्यादा दबाव लेने की बिलकुल जरुरत नहीं है बिना कुछ सोचे और खुलकर खेलें।
भारतीय ड्रेसिंग रूम में जाने का अनुभव
मैंने उनके लिए तब खेला था जब दक्षिण अफ्रीका ने इंडिया A का दौरा किया था। मैं उन सबको घूर रहा था जो भी मेरे बगल में थे। मेरे दाएं ओर रोहित भैया थे और बाय ओर विराट कोहली। सब लोग यही थे। वो माहौल ही काफी अलग था। आप देख सकते हैं कि उन लोगों ने अपनी जिंदगी में क्या चीज से हासिल की है।
इंग्लैंड सीरीज से क्या उम्मीदें हैं?
मैं जो रूट के खिलाफ खेलने के लिए बेताब हूं क्योंकि पिछले साल वो राजस्थान रॉयल्स में थे। अगर मुझे मौका मिलता है और मैं भारतीय टीम की ओर से डेब्यू करता हूं तो सबसे बड़ी बात यह होगी कि मैं इंग्लैंड जैसी टीम के खिलाफ खेल रहा हूं। बचपन से आपका यही सपना होता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेले और वो भी बड़ी टीमों के खिलाफ।
अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, रविचंद्रन अश्विन, जडेजा, बुमराह, सिराज और आवेश खान के खिलाफ विकेटकीपिंग करके मुझे काफी मजा आएगा और मैं आने वाली चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार हूं।