अरे! किस बात से नाराज हो गए मशहूर कोच गुरचरण सिंह, कपिल देव को अपना छात्र मानने से कर दिया इनकार
अपने खेल के दिनों में गुरचरण सिंह ने पटियाला और ईस्टर्न पंजाब स्टेट यूनियन, पटियाला, रेलवे और सदर्न पंजाब की ओर से खेला है।
अद्यतन - जनवरी 28, 2023 2:44 अपराह्न

मशहूर क्रिकेट कोच गुरचरण सिंह जिनको हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है उन्होंने कहा कि कोच को कभी भी अपने छात्रों की सफलता का श्रेय नहीं लेना चाहिए। गुरचरण सिंह ने उदाहरण देते हुए कहा कि भले ही उन्होंने 1983 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल देव को कोचिंग दी हो लेकिन उन्होंने इस चीज को लेकर कभी भी किसी से नहीं कहा कि वो मेरे छात्र हैं क्योंकि यह सही नहीं है।
बता दें, गुरचरण सिंह ने कई बेहतरीन खिलाड़ियों को कोचिंग दी है। अजय जडेजा, मुरली कार्तिक, कीर्ति आजाद और मनिंदर सिंह उनके छात्र रहे हैं। अपने खेल के दिनों में गुरचरण सिंह ने पटियाला और ईस्टर्न पंजाब स्टेट यूनियन, पटियाला, रेलवे और सदर्न पंजाब की ओर से खेला है। कुल मिलाकर उन्होंने 37 फर्स्ट क्लास मुकाबले के लिए और उसके बाद वो एक प्रोफेशनल कोच बन गए।
हिंदुस्तान टाइम से बात करते हुए गुरचरण सिंह ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी या एथलीट किसी कोच के पास अभ्यास करना चाहता है तो तमाम कोच ऐसा कहते हैं कि वो एथलीट उनका छात्र है, मेरे हिसाब से इसे तुरंत बदल देना चाहिए।
कोच की तकनीक ही सबको एक दूसरे से अलग करती है: गुरचरण सिंह
गुरचरण सिंह ने कहा कि, ‘क्रिकेट कोचिंग में कोच को अपने अधिकार पता होना चाहिए। अगर कोई खिलाड़ी आपके यहां सिर्फ अभ्यास करने आ रहे हैं तो आप ये ना कहें कि वो आपका छात्र है।
तमाम कोच ऐसा ही करते हैं। यह काफी गलत है। बॉम्बे में मेरे कोचिंग कैंप में कपिल देव भी आते थे लेकिन मैंने ऐसा कभी नहीं कहा कि वो मेरे छात्र हैं। वो चंडीगढ़ से हैं और डीपी आजाद के छात्र हैं। हर कोच के कोचिंग की अलग-अलग तकनीक होती है। बल्ला एक जैसा ही होता है बस कोच आपको उससे कैसे खेलना है ये बताते हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि, ‘देश में क्रिकेट काफी बदल गया है और यह काफी अच्छी बात है।’