एमएस धोनी की वजह से ही स्वप्निल कुसाले ने जीता Paris Olympics में मेडल, खुद भारतीय एथलीट ने किया बड़ा खुलासा
स्वप्निल कुसाले ने कहा कि उन्हें महेंद्र सिंह धोनी ने काफी प्रभावित किया जो खुद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने से पहले एक रेलवे टिकट कलेक्टर थे।
अद्यतन - Aug 2, 2024 4:49 pm

स्वप्निल कुसाले ने 1 अगस्त को पेरिस ओलंपिक 2024 में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्होंने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में यह मेडल जीता, जिसे मैराथन ऑफ शूटिंग भी कहा जाता है। यह पेरिस ओलंपिक में भारत का तीसरा मेडल है। भारत ने तीनों ही मेडल शूटिंग में जीते हैं। स्वप्निल कुसाले से पहले मनु भाकर और सरबजोत सिंह पेरिस गेम्स में मेडल जीत चुके हैं। ओलंपिक इतिहास की बात करें तो स्वप्निल मेडल जीतने वाले सातवें भारतीय शूटर हैं।
वहीं मेडल जीतने के बाद स्वप्निल कुसाले ने एक बड़ा खुलासा किया, जिसमें उन्होंने भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की भी जमकर प्रशंसा की। स्वप्निल कुसाले ने कहा कि उन्हें महेंद्र सिंह धोनी ने काफी प्रभावित किया, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने से पहले एक रेलवे टिकट कलेक्टर थे।
बता दें, स्वप्निल महाराष्ट्र के कोल्हापुर के पास कंबलवाडी गांव के रहने वाले हैं, जो 2012 से अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स में भाग ले रहे हैं। हालांकि, उन्होंने 12 साल बाद भारत के लिए ओलंपिक में मेडल जीता है। स्वप्निल कुसाले 2015 से सेंट्रल रेलवे में काम कर रहे हैं।
मैं एमएस धोनी को अपना आदर्श मानता हूं- स्वप्निल कुसाले
उन्होंने PTI से बातचीत में कहा कि, ‘मैं शूटिंग की दुनिया में किसी को फॉलो नहीं करता हूं। हां, मैं एमएस धोनी को अपना आदर्श मानता हूं, क्योंकि वो अच्छे इंसान हैं। मेरा खेल यही दर्शाता है कि हमें फील्ड पर काफी शांत रहने की जरूरत है और साथ ही उनकी और मेरी कहानी भी एक जैसी है, क्योंकि मैं भी उन्हीं की तरह एक टिकट कलेक्टर रहा हूं।’
स्वप्निल ने आगे कहा कि, ‘हर शॉट नया शॉट होता है। मैं बस धैर्य के साथ कोशिश कर रहा था। सिर्फ शूट करना है और शांत रहना है। आपके दिमाग में हमेशा स्कोर को लेकर काफी कुछ चीज़ें चल रही होती हैं लेकिन मैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं सोच रहा था। यह सच में काफी अच्छा अनुभव था। मुझे शूटिंग पसंद है और मैं खुश हूं कि इतने लंबे समय बाद मैं ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर पाया। मनु को देखकर मेरे अंदर भी आत्मविश्वास काफी बढ़ गया था। अगर वो जीत सकती है, तो मैं भी यह कर सकता हूं।’