उस समय में भारतीय क्रिकेट का बैड बॉय बन गया था - हार्दिक पांड्या - क्रिकट्रैकर हिंदी

उस समय में भारतीय क्रिकेट का बैड बॉय बन गया था – हार्दिक पांड्या

हार्दिक पांड्या को अपने विवादित बयान के चलते काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था।

Hardik Pandya. (Photo Source: Twitter)
Hardik Pandya. (Photo Source: Twitter)

भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या ने गेंद और बल्ले से लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम में अपनी जगह को पूरी तरह से पक्का कर लिया था। जिस समय वह चोटिल होने की वजह से टीम से बाहर थे, तो कप्तान विराट कोहली के लिए उनकी जगह पर सही खिलाड़ी का चुनाव करना भी काफी भरा दिखाई देता था। पांड्या के प्लेइंग इलेवन में शामिल होने से टीम का संतुलन काफी बेहतर दिखाई देने लगता है, जिसमें वह बल्ले के साथ गेंद से भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

साल 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप में हार्दिक पांड्या ने दबाव के समय बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी ओवर में जिस तरह से टीम को जीत दिलाई वह उनकी प्रतिभा को साफ तौर पर दर्शाता है। लेकिन उसके बाद अगले 5 साल पांड्या के लिए अच्छे नहीं रहे हैं। उन्हें अपने विवादित बयान के चलते आम लोगों के साथ बीसीसीआई से भी आलोचना का सामना करना पड़ा।

एक टॉक शो के दौरान हार्दिक ने एक विवादित बयान दिया जिसके बाद साल 2019 की शुरुआत में जब वह बेहद ही शानदार फॉर्म में चल रहे थे, उन्हें बीसीसीआई ने निलंबित कर दिया था। वहीं उन्हें कई ब्रैंड्स की डील को भी खोना पड़ा था। पांड्या ने अब इस बात को कबूला है कि वह समय उनके लिए अभी तक का सबसे कठिन था।

हार्दिक पांड्या ने ईएसपीएन क्रिकइंफो के साथ बातचीत करते हुए बताया कि, जब मैने सुना कि मुझे निलंबित जाने वाला है, तो उस समय कई सारे खिलाड़ी जो मुझे निजी तौर पर जानते हैं उन्होंने मुझसे आकर इस पर बात की थी। मैने उस समय काफी लोगों से इस बात को सुना था कि अब हार्दिक आगे खेलते हुए नहीं दिखेंगे। क्योंकि उस समय मैं भारतीय क्रिकेट का बैड बॉय बन चुका था।

मैं अपने खेल पर ध्यान नहीं लगा पा रहा था

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए हार्दिक ने बताया कि उस समय कई बार मैं रोने लगता था। वहीं मेरे लिए खेल पर ध्यान लगाना भी काफी मुश्किल भरा हो गया था। हार्दिक ने बताया कि, मैं उस समय बैंगलुरु के चिन्नास्वामी में अभ्यास कर रहा था, उस समय मैं बल्ले से गेंद को सही तरीके खेल भी नहीं पा रहा था। क्योंक जब मानसिक तौर पर मजबूत नहीं होते हैं, तो यह सबकुछ होने लगता है। उस समय मैं अभ्यास के दौरान काफी रोने लगा क्योंकि मैं बेहद भावुक हो गया था। क्योंकि मैं उस तरह का व्यक्ति नहीं हूं।