पाकिस्तान के साथ क्रिकेट,हाकी,फुटबाल ही नहीं बल्कि सारे संबंध तोड़ लिए जाएं:सौरव गांगुली - क्रिकट्रैकर हिंदी

पाकिस्तान के साथ क्रिकेट,हाकी,फुटबाल ही नहीं बल्कि सारे संबंध तोड़ लिए जाएं:सौरव गांगुली

Cricket World Cup trophy. (Photo Source: Twitter)
Cricket World Cup trophy. (Photo Source: Twitter)

विश्व कप की तैयारियां जहां पूरे विश्व में वनडे मैच खेलने वाले देशों में चल रहीं हैं। वहीं पुलवामा के आतंकी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का असर विश्व कप पर पड़ने की संभावना है। इस हमले को लेकर भारतीय क्रिकेटरों में काफी आक्रोश है। हरभजन सिंह और अजहरुद्दीन के बाद पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ हाकी,फुटबाल और क्रिकेट ही नहीं सभी तरह के संबंध तत्काल तोड़ लिये जाने चाहिये।

कोई फर्क नहीं पड़ने वाला

उन्होंने हरभजन सिंह की इस बात का समर्थन किया कि एक मैच न खेलने से भारतीय टीम के प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ने वाला। हरभजन सिंह ने एक मैचा का बहिष्कार करते हुए संकेत दिया था कि पाकिस्तान से आगे कहीं कोई मैच होने की संभावना नहीं है क्योंकि भारत और पाकिस्तान की टीमों का प्रदर्शन में काफी अंतर है। इंडिया टीवी से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व कप में दस टीमें खेल रहीं हैं। सभी टीमें आपस में भिडेंÞगी। ऐसे में यदि एक मैच भारत विश्व कप में नहीं खेलता है तो उसका कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला है।

इस बार पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया जाना चाहिये

पूर्व कप्तान ने कहा कि इस बार पूरा देश चाहता है कि पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया जाना चाहिये। ताकि सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़े। साथ ही हमें यह देखना होगा कि विश्व कप में भारत आईसीसी पर कितना असर डाल सकता है लेकिन यह विश्वास है कि आईसीसी को विश्व कप के लिए भारत के साथ की बहुत जरूरत है। इसके बिना उसका यह सफर अधूरा भी रह सकता है।

भारतीयों की तीखी प्रतिक्रिया बिलकुल सही है

पुलवामा हमले के बाद भारत के लोगों ने जिस तरह की अपनी प्रतिक्रिया दी है वह बिलकुल सही है। मैं उसका पूर्ण समर्थन करता हूं और भारत को किसी भी सूरत में पाकिस्तान के साथ मैच नहीं खेलना चाहिये। इसके साथ ही पूर्व कप्तान ने कहा कि मैं इस बात से पूरी तरह से सहमत हूं कि भारत को पाकिस्तान के साथ सारे संबंध तोड़ लेने चाहिये। इसमें क्रिकेट,हाकी,फुटबॉल को अलग-अलग करके नहीं सोचना चाहिये। इस मामले में भारत को एकजुटता दिखानी होगी। क्रिकेटरों ने अपनी-अपनी भावनाएं पहले ही जता दीं हैं।