एशिया कप 2022: श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम शुरुआत से ही दबाव में थी क्योंकि उनके लिए यह मुकाबला जीतना बेहद जरूरी था: दीप दासगुप्ता
अगर भारत को अब एशिया कप 2022 के फाइनल में पहुंचना है तो उन्हें यह दुआ करनी होगी कि पाकिस्तान अफगानिस्तान और श्रीलंका से हार जाए और वो खुद अफगानिस्तान से लंबे अंतर से जीते।
अद्यतन - सितम्बर 7, 2022 2:09 अपराह्न

6 सितंबर को खेले गए सुपर 4 के तीसरे मुकाबले में श्रीलंका ने भारत को 6 विकेट से मात दी। इस हार के बाद भारतीय टीम की एशिया कप 2022 के फाइनल में पहुंचने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी है।
बता दें, जहां एक तरफ इस टूर्नामेंट के दोनों ग्रुप स्टेज मुकाबलों में भारतीय टीम को जीत मिली थी, वहीं दूसरी ओर सुपर 4 में उनको अभी तक खेले गए दोनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। पहले टीम इंडिया को पाकिस्तान ने हराया और अब श्रीलंका ने। हालांकि अभी भी वो फाइनल में अपनी जगह बना सकती है लेकिन इसके लिए अब उनको दूसरी टीमों के परिणाम पर निर्भर रहना होगा।
श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि हमारे खिलाड़ी काफी रिलैक्स है लेकिन फैंस इस समय शांत नहीं हैं। भारत के पूर्व क्रिकेटर दीप दासगुप्ता का मानना है कि टीम इस मैच में शुरुआत से ही दबाव महसूस कर रही थी क्योंकि उनको इसको जीतना बेहद जरूरी था।
श्रीलंका के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है: दीप दासगुप्ता
दीप दासगुप्ता ने क्रिकट्रैकर के शो ‘रन की रननीति’ में कहा कि, ‘मुझे लगता है कि भारत को इस मुकाबले को जीतना बेहद जरूरी था इसलिए वो शुरुआत से ही दबाव महसूस कर रहे थे। अगर आप अच्छी टीम है तो आपको अपने लक्ष्य के लिए लड़ाई करनी चाहिए और उसपर ध्यान देना चाहिए।
अगर आप अच्छी टीम है तो आपने जो भी लक्ष्य दिया है उसको देखकर अपनी योजनाएं बनानी चाहिए। श्रीलंका बहुत ही अच्छी टीम है, लेकिन उनके पास कोई बड़े नाम वाले खिलाड़ी नहीं है। वो लोग इतना अच्छा इसलिए खेल रहे हैं क्योंकि उनके पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है। हम दबाव में अच्छा प्रदर्शन कैसे करें यह सीखना चाहिए। यह स्किल के बारे में नहीं है, बल्कि दबाव से निपटने के बारे में है।’
इस समय हमें हड़बड़ी नहीं करनी चाहिए: दीप दासगुप्ता
तमाम एक्सपर्ट और फैंस भारतीय टीम को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हरभजन सिंह ने यह सवाल पूछा कि उमरान मलिक और दीपक चहर को भारतीय टीम में क्यों नहीं शामिल किया गया जबकि प्रशंसकों का यह कहना था कि मोहम्मद शमी को इस टूर्नामेंट में टीम में जरूर शामिल किया जाना चाहिए था।
दीप दासगुप्ता ने आगे कहा कि, ‘अगर हर बार हम खिलाड़ी के पहले के प्रदर्शन को देखकर बदलाव करें तो यह एक म्यूजिकल चेयर जैसा खेल हो जाएगा। इस समय हमें हड़बड़ी नहीं करनी चाहिए। हां, दो लगातार मुकाबले हारना बहुत बुरी बात है लेकिन रातो-रात कोई खिलाड़ी बुरा नहीं बन जाता। यह जरूरी है कि आप खिलाड़ी के ऊपर भरोसा करें और उन्हें मौका दें।