विराट कोहली के सामने है बड़ी चुनौती क्योंकी पिछले 6 दक्षिण अफ्रीकी दौरों का कुछ ऐसा रहा है हाल - क्रिकट्रैकर हिंदी

विराट कोहली के सामने है बड़ी चुनौती क्योंकी पिछले 6 दक्षिण अफ्रीकी दौरों का कुछ ऐसा रहा है हाल

The Freedom series trophy
The Freedom series trophy. (Photo source: Twitter)

इस समय जहाँ हर तरफ भारत और दक्षिण अफ्रीका की सीरीज को लेकर जितनी गर्माहट देखी जा रही है वैसा अभी तक इससे पहले भारत और दक्षिण अफ्रीका सीरीज के लिए नहीं देखा गया और ऐसा हो भी क्यों ना आखिर इस बार विराट कोहली की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करने वाली युवा भारतीय क्रिकेट टीम के इरादे इस दौरे पर सिर्फ जीतने के है क्योंकी जो काम सौरव गांगुली से लेकर महेंद्रसिंह धोनी ना कर सके वो विराट के ये योद्धा करने का दम रखते है.

जिसके लिए टीम के बल्लेबाजों से लेकर गेंदबाज अपनी तरफ से कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहते है,क्योंकी भारतीय टीम के पास इस समय हर हालात के अनुसार खिलाड़ी मौजूद है.

लेकिन पिछले 25 सालों से दक्षिण अफ्रीका का दौरा करने वाली भारतीय टीम अभी तक अफ़्रीकी जमीन पर अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीत राह देख रही है, जिस कारण इस बार जाने वाली टीम को इस सूखे को खत्म करने की सबसे बड़ी चुनौती होगी जिसका आगाज 5 जनवरी से केपटाउन में होगा. आपको बताते है कि इससे पहले 6 बार दक्षिण का दौरा करने वाली भारतीय टीम का प्रदर्शन कैसा रहा इस धरती पर.

पहला दौरा वर्ष 1992-93 (दक्षिण अफ्रीका ने 1-0 से जीती सीरीज)

भारतीय क्रिकेट टीम ने सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका का दौरा वर्ष 1992-93 में किया था जिसमे उन्होंने इस दौरे पर 4 टेस्ट मैच खेले थे. इस दौरे पर भारतीय टीम की कप्तानी मोहम्मद अजहरुद्दीन कर रहे थे तो दक्षिण अफ्रीका की तरफ से केप्लर वेल्स ने टीम की कमान अपने हाथों में ले रखी थी. वर्तमान समय में भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री का भी ये पहला दक्षिण अफ़्रीकी दौरा था.

इस दौरे का पहला टेस्ट मैच डरबन में खेला गया था, जिसमे भारत की तरफ से प्रवीन आमरे ने शानदार शतकीय पारी खेलकर इस टेस्ट मैच को ड्रा कराने में अहम भूमिका निभायी थी, जिसके बाद दोनों टीमें दूसरा टेस्ट खेलने के लिए जोहान्सबर्ग में पहुँच गयीं जिसमे सचिन तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका में अपना पहला टेस्ट शतक लगाकर इस टेस्ट को भी ड्रा करवा दिया था.

इस दौरे का तीसरा टेस्ट मैच पोर्ट एलीजाबेथ में खेला गया जहाँ पर भारतीय टीम को टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के हाथों अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा था.इस टेस्ट मैच में पूरे क्रिकेट जगत ने एलन डोनाल्ड की तेज गेंदबाजी का जलवा देखा था जिन्होंने पूरी भारतीय टीम को अपने घुटनों पर गिरा दिया सिर्फ कपिल देव को छोड़कर कोई अन्य बल्लेबाज डोनाल्ड का सामना नहीं कर सका और भारतीय टीम इस टेस्ट मैच को 9 विकेट से हार गयीं थी. इस सीरीज का चौथा और आखिरी टेस्ट मैच केपटाउन में खेला गया था जो ड्रा पर खत्म हुआ लेकिन सीरीज में 1-0 की बढ़त के कारण दक्षिण अफ्रीका ने इस सीरीज को जीत लिया.

दूसरा दौरा वर्ष 1996-97 (दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज 2-0 से जीती)

भारतीय टीम वर्ष 1996-97 में अपने दूसरे दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गयीं थी. इस दौरे पर भारतीय टीम की कमान सचिन तेंदुलकर के हाथों में थी वहीँ दक्षिण अफ्रीका के लिए दिवंगत क्रिकेट खिलाड़ी हेंसी क्रोंजे के हाथों में थी. भारतीय टीम ने इस दौरे पर कुल 3 टेस्ट मैच खेले जिसमे उसे दों में हार का सामना करना पड़ा था.

इस दौरे का पहला टेस्ट मैच डरबन में खेला गया था जिसे दक्षिण अफ़्रीकी टीम ने 328 रन के बड़े अंतर से जीता था. इसके बाद दोनों टीम अगला टेस्ट खेलने के लिए केपटाउन पहुँच गयीं और यहाँ पर भी भारतीय टीम को 282 रन की बड़ी हार का सामना करके सीरीज को गवां दिया था. इस सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच जो जोहान्सबर्ग में खेला गया था ड्रा रहा था.

तीसरा दौरा 2001-02 (दक्षिण अफ्रीका ने 1-0 से जीती सीरीज)

साल 2001-02 में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका का अपना तीसरा दौरा किया जो सिर्फ दो टेस्ट सीरीज का दौरा था. इस समय भारतीय टीम की कमान सौरव गांगुली के हाथों में आ चुकी थी. इस टेस्ट सीरीज का पहला टेस्ट मैच ब्लोमफोंटेन में खेला गया था जिसे अफ़्रीकी टीम ने 9 विकेट से जीत लिया था लेकिन अफ्रीका के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का पहला टेस्ट मैच खेलने वाले वीरेन्द्र सहवाग ने अपनी पहली पारी शतक जमा कर सभी का दिल जीत लिया था. इस सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच पोर्ट एलीजाबेथ में खेला गया था जिसमे भारतीय बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में शानदार बल्लेबाजी करके इस टेस्ट मैच को ड्रा करवा दिया था. लेकिन टेस्ट सीरीज को अफ्रीका ने 1-0 से जीत लिया था.

चौथा दौरा 2006-07 (दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज 2-1 से जीती)

आखिरकार भारतीय टीम को साल 2006-07 में पहली बार दक्षिण अफ़्रीकी दौरे पर टेस्ट में अपनी पहली जीत नसीब हुयीं. राहुल द्रविड़ की अगुवाई में जाने वाली भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग में खेला गया पहला टेस्ट मैच 123 रन से जीत लिया था. भारत की इस जीत के नायक तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंत थे जिन्होंने पूरे टेस्ट मैच में कुल 8 विकेट अपने नाम पर किये थे. इस टेस्ट मैच में एक वाक्या और भी बेहद मशहूर हुआ था वह श्रीसंत और आंद्रे नेल के बीच मैदान में हुई कहासुनी के कारण हुआ था.

इसके बाद सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच जो डरबन में खेला गया था, उसमे दक्षिण अफ्रीका टीम ने वापसी करते हुए भारत को 174 रन से इस मैच में हरा कर इस सीरीज को बराबरी पर ला दिया जिसके बाद सीरीज का तीसरा और निर्णायक टेस्ट मैच केपटाउन में खेला गया और इसे भी दक्षिण अफ्रीका ने 5 विकेट से जीतकर भारतीय उम्मीदों पर पानी फेरते हुए सीरीज 2-1 से अपने नाम पर कर लिया.

पांचवा दौरा 2010-11 (सीरीज 1-1 के ड्रा पर छूटी)

सेंचुरियन का मैदान भारतीय फैन्स को हमेशा याद रहने वाला है क्योंकी महेंद्रसिंह धोनी की कप्तानी में जब भारतीय टीम अपने पांचवे दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गयीं थी तब इस मैदान पर सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेला गया था भले ही भारतीय टीम इस टेस्ट मैच को एक पारी और 25 रन से हार गयीं हो लेकिन क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर की पचासवां शतक इसी मैदान पर बनाया था.

इसके बाद भारतीय टीम दूसरा टेस्ट मैच खेलने के लिए डरबन पहुँच चुकी थी और इस टेस्ट मैच में तेज गेंदबाज जहीर खान और ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह के सामने कोई भी अफ़्रीकी बल्लेबाज टिकने में कामयाब नहीं हो पा रहा था, जिसके बाद भारतीय टीम ने इस टेस्ट को 87 रन से जीतकर टेस्ट सीरीज को बराबरी पर ला दिया लेकिन इस टेस्ट में अच्छी बल्लेबाजी करने वाले वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मण को मैन ऑफ दी मैच दिया गया था.

इस सीरीज का तीसरा और आखिरी निर्णायक टेस्ट मैच केपटाउन में खेला गया जो ड्रा रहा जिस वजह से भारतीय टीम पहली बार बिना कोई सीरीज हारे दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस आयीं थी. इस टेस्ट मैच में बल्लेबाजों के मुफीद पिच होने के कारण दोनों ही टीम के बल्लेबाजों ने इसका लाभ उठाया.

छठा दौरा 2013-14 (दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज 1-0 से जीती)

भारतीय टीम आखिरी बार दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर साल 2013- 14 में गयीं थी. महेंद्रसिंह धोनी की कप्तानी में दूसरी बार टीम दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज खेलने के लिए पहुंची थी. ये सीरीज सिर्फ 2 टेस्ट मैच की थी, जिसका पहला टेस्ट मैच जोहान्सबर्ग में खेला गया था विराट कोहली ने इस टेस्ट मैच में अपने बल्ले का जलवा दिखाते हुए जहाँ पहली पारी शानदार शतक लगाया वहीँ दूसरी पारी में सिर्फ चार रन से अपने शतक बनाने से चूक गयें थे.

इस टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच डरबन में खेला गया था जिसमे भारतीय टीम को बुरी तरह से हार का सामना करना पडा था और इस टेस्ट सीरीज को 1-0 से गवां दिया.