IPL 2026: लाइव मैच में फोन चलाने के लिए राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर को मिली ये सजा

IPL 2026: लाइव मैच में फोन चलाने के लिए राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर को मिली ये सजा

भविष्य में नियमों का सख्ती से पालन करने की दी गई चेतावनी, जुर्माने के साथ मामला खत्म

RR manager Romi Bhinder (Image credit Twitter - X)
RR manager Romi Bhinder (Image credit Twitter – X)

आईपीएल 2026 के दौरान एक विवाद सामने आया, जिसमें राजस्थान रॉयल्स (RR) के टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा। हालांकि, जांच में उन्हें किसी भी तरह की भ्रष्ट गतिविधि से साफ तौर पर बरी कर दिया गया, लेकिन नियम तोड़ने के चलते उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल बना विवाद की वजह

यह घटना गुवाहाटी में खेले गए मैच के दौरान हुई, जहां राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आमने-सामने थे। मैच के दौरान भिंदर को टीम के डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए देखा गया।

बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, डगआउट के आसपास मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित है, क्योंकि यह एंटी-करप्शन नियमों से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा माना जाता है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की एंटी-करप्शन और सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) ने इस मामले की जांच की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि भिंदर किसी भी गलत गतिविधि में शामिल नहीं थे। फिर भी, नियमों के उल्लंघन के चलते उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई बीसीसीआई के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई।

पहली बार की गलती, इसलिए मिली नरमी

रिपोर्ट के अनुसार, भिंदर 2008 से राजस्थान रॉयल्स के साथ जुड़े हुए हैं और यह उनका पहला ऐसा उल्लंघन था। उनके लंबे अनुभव और साफ रिकॉर्ड को देखते हुए मामले को हल्के रूप में लिया गया। साथ ही, भिंदर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बिना शर्त माफी भी मांगी, जिसे अधिकारियों ने ध्यान में रखा।

भिंदर ने अपने बचाव में बताया कि उन्हें फेफड़ों से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या है, जिसके कारण उन्हें फोन का उपयोग करना पड़ा। उन्होंने इसके समर्थन में मेडिकल दस्तावेज भी पेश किए। इन परिस्थितियों को भी जांच के दौरान ध्यान में रखा गया, जिससे सजा को सीमित रखा गया।

बीसीसीआई ने भिंदर को चेतावनी दी है कि आगे से इस तरह की गलती न दोहराएं और सभी नियमों का सख्ती से पालन करें। यह मामला दर्शाता है कि क्रिकेट में नियमों का पालन कितना जरूरी है, भले ही गलती अनजाने में ही क्यों न हो। हालांकि, पारदर्शिता और सही रवैये के चलते भिंदर को बड़ी सजा से राहत मिल गई।

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