वसीम अकरम की गेंदबाजी को खेलना मेरे लिए सबसे मुश्किल काम था: महेला जयवर्धने
वसीम अकरम ने 104 टेस्ट मुकाबलों में 23.62 के औसत से 414 टेस्ट विकेट लिए थे और 356 वनडे मुकाबलों में 23.52 के औसत से 502 विकेट हासिल किए।
अद्यतन - जून 2, 2022 5:53 अपराह्न

श्रीलंकाई टीम के पूर्व कप्तान और अपने समय के शानदार बल्लेबाजों में शुमार किए जाने वाले महेला जयवर्धने ने बताया कि आज तक उन्होंने जितने भी तेज गेंदबाजों को खेला है उनमें सबसे मुश्किल तेज गेंदबाज पाकिस्तान के वसीम अकरम रहे हैं। बता दें, अकरम के नाम टेस्ट और वनडे फॉर्मेट को मिलाकर कुल 916 अंतरराष्ट्रीय विकेट्स है। अकरम की गिनती वर्ल्ड क्रिकेट के सबसे शानदार बाएं हाथ के स्विंग गेंदबाजों में की जाती है।
वसीम ने 104 टेस्ट मुकाबलों में 23.62 के औसत से 414 टेस्ट विकेट लिए थे और 356 वनडे मुकाबलों में के 23.52 के औसत से 502 विकेट्स चटकाए थे। वो वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे लेकिन उनके बाद श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने उनका रिकॉर्ड तोड़ा था और शीर्ष स्थान प्राप्त किया था।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के डिजिटल शो- द ICC रिव्यू में जयवर्धने ने बताया कि, आज तक उन्होंने जितने भी गेंदबाजों को खेला है उनमें से वसीम अकरम सबसे कठिन गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि चाहे कोई भी समय हो वो अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते थे।
उन्होंने आगे कहा कि, मैंने जब अपना डेब्यू किया था तब वसीम अकरम अपने शिखर पर थे। चाहे कोई भी फॉर्मेट हो नई गेंद से वो बल्लेबाजों के लिए हमेशा परेशानी खड़ी करते थे। उनके तेज हाथ एक्शन की वजह से वो दिन के किसी भी समय आपको चकमा दे सकते थे।
महेला जयवर्धने ने वसीम अकरम की बेहतरीन गेंदबाजी की प्रशंसा की
महेला जयवर्धने की माने तो, अकरम की गेंदबाजी से सभी डरते थे और अगर वो अपनी काबिलियत से गेंद डालने लगे तो चाहे कोई भी पिच हो वो आपको अपनी गेंदबाजी से चकमा देने की क्षमता रखते थे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जयवर्धने ने तीनों फॉर्मेटों को मिलाकर 26000 से थोड़े कम ही रन बनाए थे लेकिन अकरम की गेंदबाजी के सामने उनकी एक ना चलती थी। उनका मानना है कि अकरम के पास चाहे नई गेंद होती या पुरानी गेंद उनको दोनों ही तरफ गेंद को स्विंग कराना आता था और अपनी घातक गेंदबाजी की बदौलत उन्होंने पाकिस्तान टीम को कई मुकाबले जिताए हैं। उनकी गेंदबाजी के आगे कई बल्लेबाज अपने घुटने टेक दिया करते थे।