‘बस सिर नीचे रखो और रन बनाते रहो…’- वेस्टइंडीज दौरे में चयन ना होने के बाद प्रियांक पांचाल ने दिया बड़ा बयान
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज 12 जुलाई से खेली जाएगी।
अद्यतन - Jul 2, 2023 7:57 pm

टीम इंडिया 12 जुलाई से वेस्टइंडीज का दौरा करने के लिए तैयार है। जहां टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज, तीन मैचों की वनडे सीरीज और पांच मैचों की टी-20 सीरीज खेलने वाली है। बीसीसीआई ने वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। टेस्ट टीम में पहली बार ऋतुराज गायकवाड़ और यशस्वी जायसवाल को जगह मिली है। वहीं मुकेश कुमार को पहली बार वनडे स्क्वॉड में शामिल किया गया है।
आपको बता दें प्रियांक पांचाल उन खिलाड़ियों में से एक है जो लगातार भारतीय टेस्ट टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं। लेकिन अब तक उन्हें टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका नहीं मिला है। प्रियांक पांचाल को वेस्टइंडीज दौरे के टेस्ट स्क्वॉड में जगह नहीं मिली है, जिस बात से फैंस खफा नजर आ रहे हैं। अब प्रियांक पांचाल ने टेस्ट स्क्वॉड में ना चुने जाने के बाद बड़ा बयान दिया है।
चयन हमारे हाथ में नहीं है- प्रियांक पांचाल
प्रियांक पांचाल ने स्पोर्ट्सकीडा पर बात करते हुए कहा, ‘मुझे लगता है कि चयन पूरी तरह से हमारे नियंत्रण से बाहर है। मेरा मानना है कि आपको किसी भी तरह के विकेट पर और किसी भी तरह की स्थिति में अच्छी टीमों के खिलाफ रन बनाते रहना होगा। किसी दिन दूसरों में यह आत्मविश्वास आएगा कि शायद आप उन कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम हैं।’
प्रियांक पांचाल ने आगे कहा, ‘अगर हम चयन की उन सभी गणनाओं के बारे में सोचना शुरू कर देंगे तो किसी भी क्रिकेटर के लिए ध्यान केंद्रित करना बहुत मुश्किल हो जाएगा। अगर आप एक बार ऐसी स्थिति में आ गए तो आपके 2-3 महीने बर्बाद हो जाएंगे। इसलिए बस अपना सिर नीचें रखें और रन बनाते रहें।’
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प्रियांक पांचाल ने आगे बात करते हुए साउथ अफ्रीका दौरे के बारे में भी बात की। जब उन्हें रोहित शर्मा के रिप्लेसमेंट के रूप में टीम में जगह मिली थी लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला था। प्रियांक पांचाल ने 111 फर्स्ट क्लास मैचों में 47.02 के औसत से 7901 रन बनाए हैं। जिसमें 26 शतक शामिल है।
प्रियांक पांचाल ने आगे कहा कि, ‘मुझे लगता है कि जब तक मैं उस प्रतियोगिता का हिस्सा हूं, यह बेहतर है। मैं देश के लिए खेलना चाहता हूं इसलिए मैं कम से कम सोचना चाहता हूं और ज्यादा से ज्यादा यह सोचने की कोशिश करता हूं कि मैं कैसे बेहतर हो सकता हूं।’