विदेशी कोचों के साथ लैंग्वेज की समस्या है, हमें ट्रांसलेटर की जरूरत है: नसीम शाह
पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ लंबे समय से इंग्लिश बोलने और सीखने की समस्या रही है
अद्यतन - Aug 9, 2024 5:50 pm

विचारों के आदान-प्रदान के लिए भाषा एक बहुत ही जरूरी माध्यम है। तो वहीं इससे दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा पंसद किए जाना वाला खेल क्रिकेट भी इससे अछूता नहीं रहा है। क्रिकेटरों को मैच खेलने से पहले प्लानिंग और बाकी जरूरी काम करने के लिए भाषा का इस्तेमाल करना पड़ता है।
वहीं जब खिलाड़ी इस काम को करते हैं, तो वे सबसे ज्यादा सहज अपनी लोकल या मातृ भाषा में रहते हैं। लेकिन जब उन्हें इससे अलग किसी भाषा में बोलना या समझना पड़ता है और उन्होंने अगर वह भाषा नहीं सीखी है, तो उन्हें दिक्क्तों का सामना करना पड़ सकता है।
पाकिस्तान के क्रिकेटर्स को भी भाषाई दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसी मसले को लेकर पाकिस्तानी तेज गेंदबाज नसीम शाह (Naseem Shah) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान की नेशनल क्रिकेट टीम के कोच विदेशी रहे हैं और वर्तमान व्हाइट बाॅल कोच गैरी कस्टर्न और जेसन गिलिप्सी है। कस्टर्न साउथ अफ्रीकी तो गिलिप्सी ऑस्ट्रेलियाई हैं और वे इंग्लिश में ज्यादा सहज है।
दूसरी तरफ पाकिस्तानी खिलाड़ियों की इंग्लिश की समझ तो जगजाहिर है। ऐसे में जब नसीम विदेशी कोचों के साथ कुछ संवाद करते हैं, तो उन्हें यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण लगता है। इससे निपटने के लिए नसीम शाह ने एक लैंग्वेज ट्रांसलेटर की बात कही है।
नसीम शाह ने दिया बड़ा बयान
बता दें कि हाल में ही एक प्रेस काॅन्फ्रेंस में नसीम शाह ने क्रिकेट पाकिस्तान के हवाले से कहा- विदेशी कोचों के साथ लैंग्वेज की समस्या है। हमें लैंग्वेज ट्रांसलेट करने वाले किसी की आवश्यकता है। अपनी भाषा में प्रशिक्षक से संवाद करना आसान होता है।
नसीम ने आगे वर्ल्ड कप 2023 और टी20 वर्ल्ड कप 2024 में पाकिस्तान के प्रदर्शन को लेकर कहा- हमारी वापसी अच्छी नहीं रही और हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि हमने अच्छा क्रिकेट नहीं खेला। आलोचना इसका हिस्सा है और हमें इसे तब तक सहना चाहिए जब तक चीजें बेहतर न हो जाएं। यह वापसी करने, बेहतर खेलने और एक टीम के रूप में प्रदर्शन करने का अच्छा मौका है।