लखनऊ T20I रद्द होने के बाद BCCI सर्दियों में होने वाले मैचों की शेड्यूलिंग पर कर सकती है चर्चा

लखनऊ T20I रद्द होने के बाद BCCI सर्दियों में होने वाले मैचों की शेड्यूलिंग पर कर सकती है चर्चा

कोहरे के चलते उत्तर भारत में मैच कराने पर पुनर्विचार की जरूरत, बोले राजीव शुक्ला

Rajeev Shukla (Image credit Twitter - X)
Rajeev Shukla (Image credit Twitter – X)

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच लखनऊ में खेला जाने वाला चौथा टी20 मैच घने कोहरे की वजह से बिना एक भी गेंद फेंके रद्द कर दिया गया। इस घटना के बाद बीसीसीआई की सर्दियों में उत्तर भारत में मैच कराने की योजना पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। फैंस और नेताओं की आलोचना के बीच बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने माना है कि दिसंबर जनवरी के दौरान मैचों के शेड्यूल पर दोबारा विचार करने की जरूरत है।

यह मुकाबला 17 दिसंबर को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना था। लेकिन घने कोहरे के कारण दृश्यता इतनी खराब थी कि मैच शुरू ही नहीं हो सका। अंपायरों ने कुल छह बार मैदान का निरीक्षण किया। यहां तक कि बाउंड्री से सफेद गेंद को देखने की कोशिश भी की गई, लेकिन हालात नहीं सुधरे। आखिरकार रात 9:26 बजे मैच को रद्द घोषित कर दिया गया।

हालांकि, उस दिन लखनऊ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार खतरनाक स्तर पर था, लेकिन अधिकारियों ने मैच रद्द करने की मुख्य वजह दृश्यता को बताया। इस मैच के रद्द होने से भारत पांच मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे है, जबकि निर्णायक मुकाबला अब अहमदाबाद में खेला जाएगा।

कोहरे पर मचा बवाल, सर्दियों में मैच शेड्यूल बदलने पर BCCI की सहमति

राजीव शुक्ला ने कहा कि 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच उत्तर भारत में कोहरे की समस्या आम है। ऐसे में इस अवधि के दौरान अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मैचों को दक्षिण या पश्चिम भारत में शिफ्ट करने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी माना कि कोहरे के कारण घरेलू क्रिकेट भी प्रभावित हो रहा है।

इस मामले पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने संसद के बाहर राजीव शुक्ला से बात करते हुए कहा कि सर्दियों में उत्तर भारत में नाइट मैच रखना सही फैसला नहीं है। थरूर ने सुझाव दिया कि ऐसे मैच केरल जैसे राज्यों में कराए जाने चाहिए, जहां न तो ज्यादा कोहरा होता है और न ही प्रदूषण।

शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर भी लखनऊ और तिरुवनंतपुरम के AQI की तुलना करते हुए कहा कि जब गेंद दिखाई ही नहीं दे रही हो, तो क्रिकेट कैसे खेला जा सकता है। उन्होंने कहा कि फैंस बेहतर योजना के हकदार हैं।

आखिरकार, बीसीसीआई ने भी स्वीकार किया कि उत्तर भारत की सर्दियां क्रिकेट के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी हैं और भविष्य में शेड्यूलिंग को लेकर ठोस फैसले लेने होंगे।

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