PCB अध्यक्ष रमीज राजा की इस योजना को लेकर उनके सपने को चकनाचूर किया BCCI सचिव जय शाह ने
PCB अध्यक्ष चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच ज्यादा से ज्यादा क्रिकेट खेला जाए, क्योंकि वे सिर्फ आईसीसी या फिर एशिया कप जैसे इवेंट्स में ही एक-दूसरे से भिड़ते हैं।
अद्यतन - फरवरी 8, 2022 1:23 अपराह्न

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव जय शाह ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अध्यक्ष रमीज राजा के चार प्रमुख देशों – भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच टी-20 सुपर सीरीज कराने के प्रस्ताव पर आखिरकार चुप्पी तोड़ दी है।
PCB अध्यक्ष रमीज राजा ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के सामने चार प्रमुख देशों के बीच टी-20 सुपर सीरीज कराने का प्रस्ताव रखा था और कहा इस टूर्नामेंट से होने वाले मुनाफे को सभी आईसीसी सदस्यों के साथ प्रतिशत के आधार पर साझा किया जाना चाहिए। हालांकि, PCB अध्यक्ष ने आधिकारिक तौर पर ICC को इस टी-20 सुपर सीरीज को लेकर प्रस्ताव नहीं भेजा है।
Hello fans.Will propose to the ICC a Four Nations T20i Super Series involving Pak Ind Aus Eng to be played every year,to be hosted on rotation basis by these four. A separate revenue model with profits to be shared on percentage basis with all ICC members, think we have a winner.
— Ramiz Raja (@iramizraja) January 11, 2022
PCB अध्यक्ष खासतौर पर चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच ज्यादा से ज्यादा क्रिकेट खेला जाए, क्योंकि वे सिर्फ आईसीसी या फिर एशिया कप जैसे इवेंट्स में ही एक-दूसरे से भिड़ते हैं।
पाकिस्तान के प्रस्ताव पर BCCI सचिव जय शाह ने तोड़ी चुप्पी
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के इस प्रस्ताव पर BCCI सचिव जय शाह ने अब पहली बार प्रतिक्रिया दी है। जय शाह ने कहा BCCI का मुख्य उद्देश्य घर में खेली जाने वाली द्विपक्षीय सीरीज को सुरक्षित रखना और टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान देना है और वे क्रिकेट को ओलंपिक में देखना चाहते हैं।
BCCI सचिव जय शाह ने कहा IPL की विंडो बढ़ती जा रही है, और साथ ही हर साल ICC टूर्नामेंट भी हो रहे हैं, इसलिए BCCI की वरीयता घर पर क्रिकेट को सुरक्षित रखने के साथ-साथ टेस्ट क्रिकेट पर फोकस करने की है। वे क्रिकेट को ओलंपिक में देखना चाहते हैं, क्योंकि ऐसा करने से खेल को दुनियाभर में बढ़ाने में मदद मिलेगी।
BCCI सचिव ने आगे कहा खेल का विस्तार पहले ही एक चुनौती है और दुनियाभर में क्रिकेट निकायों के प्रमुखों का हित खेल के विस्तार पर होना चाहिए, बजाय किसी अल्पकालिक व्यावसायिक लाभ पर उन्हें क्रिकेट के विस्तार को अधिक प्राथमिकता देनी चाहिए।