आईसीसी की एशिया कप के दौरान चेतावनी के बावजूद, साहिबजादा फरहान ने फिर दोहराया गनशॉट सेलिब्रेशन
फरहान ने एशिया कप में भारत के खिलाफ अर्धशतक के बाद किया था विवादित जेस्चर
अद्यतन - Oct 10, 2025 12:54 am

एशिया कप 2025 के दौरान पाकिस्तान के बल्लेबाज साहिबजादा फरहान की गनशॉट सेलिब्रेशन ने क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच विवाद खड़ा कर दिया था। सुपर 4 मैच में भारत के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में फरहान ने 45 गेंदों पर 58 रन बनाकर पाकिस्तान को मजबूत शुरुआत दिलाई।
हालांकि, उनके अर्धशतक के सेलेब्रेशन का तरीका ही चर्चा का मुख्य कारण बन गया। उन्होंने अर्धशतक पूरा होने पर ‘गन जेस्चर’ का इस्तेमाल किया, जिसने दर्शकों को चौंका दिया और क्रिकेट जगत में फरहान के इस जैस्चर की काफी आलोचना देखने को मिली।
फरहान को आईसीसी से मिल चुकी है चेतावनी
इसके बाद फरहान ने अपने जेस्चर की सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह अचानक उनके मन में आया और यह किसी विशेष टीम के खिलाफ नहीं, बल्कि खेल को उत्साहपूर्वक खेलने का हिस्सा था।
उन्होंने जोर दिया कि उनका इरादा केवल आक्रामक क्रिकेट खेलने का था, और यह जेस्चर केवल एक पल की भावना थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनकी आदत नहीं है कि अर्धशतक पर अक्सर कोई सेलिब्रेशन करें।
आईसीसी ने इस मामले में फरहान को चेतावनी दी थी, जबकि टीम के अन्य खिलाड़ी हारिस रऊफ को आक्रामक व्यवहार के लिए मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना देना पड़ा। मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने फरहान और रऊफ से व्यक्तिगत रूप से पूछताछ की थी। इस दौरान दोनों खिलाड़ी टीम मैनेजर नवीद अकराम चीमा के साथ उपस्थित थे।
हाल ही में, एक प्रमोशनल शूट के दौरान फरहान ने फिर से वही गनशॉट जेस्चर दोहराया। उन्होंने बताया कि यह जेस्चर उनके पष्तून समुदाय में पारंपरिक सेलिब्रेशन का हिस्सा है। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय स्टार विराट कोहली भी कभी कभी इसी तरह का जेस्चर करते रहे हैं।
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— CricFollow (@CricFollow56) October 8, 2025
इस घटना ने एशिया कप में खेल भावना और सेलिब्रेशन के मानकों पर नई बहस को जन्म दिया है। जबकि कुछ लोग इसे खेल के उत्साह के रूप में देख रहे हैं, वहीं कई आलोचक इसे अनुचित और विवादास्पद मान रहे हैं।
फरहान का कहना है कि आक्रामक क्रिकेट हर टीम के खिलाफ खेलना चाहिए, न कि केवल किसी विशेष प्रतिद्वंदी के खिलाफ। इस विवाद ने दर्शकों और मीडिया के बीच क्रिकेट और संस्कृति के मिलन पर भी सवाल उठाए हैं।
कुल मिलाकर, साहिबजादा फरहान का यह सेलिब्रेशन न केवल उनके व्यक्तिगत शैली का प्रदर्शन है, बल्कि खेल की आक्रामकता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के बीच संतुलन को भी उजागर करता है।