ऑस्ट्रेलिया टीम कभी नहीं सुधरने वाली है, वो अभी भी सभी के दिमाग से खेल रही है: रविचंद्रन अश्विन
दोनों टीमें यही चाहेंगी कि इस सीरीज को जीतकर वो ICC वर्ल्ड चैंपियनशिप 2022-23 सत्र के फाइनल में अपनी जगह बनाए।
अद्यतन - फरवरी 3, 2023 8:33 अपराह्न

9 फरवरी से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी की शुरुआत होने वाली है। तमाम फैंस इस शानदार सीरीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। दोनों टीमें भी यही चाहेंगी कि इस सीरीज को जीतकर वो ICC वर्ल्ड चैंपियनशिप 2022-23 सत्र के फाइनल में अपनी जगह बनाए।
भारतीय टीम ने अभी से इस शानदार सीरीज के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पिछले 3 संस्करणों में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी है और इस बार कंगारू टीम उलटफेर करना चाहेगी।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने हाल ही में यह बयान दिया कि उनकी टीम इस सीरीज से पहले कोई भी टेस्ट मुकाबले नहीं खेल रही है। स्मिथ की मानें तो ऑस्ट्रेलिया अकेले ट्रेनिंग करना चाहेंगे ना की वो दौरे वाले मुकाबले खेलेंगे। इससे उन्हें भारतीय पिचों के बारे में काफी चीजें पता चलेगी। अश्विन ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज की इस टिप्पणी पर अपना पक्ष रखा है।
ऑस्ट्रेलिया अपने दिमाग के खेल के लिए जाना जाता है: रविचंद्रन अश्विन
स्टीव स्मिथ की मानें तो 2017 में उन्होंने ग्रीन पिच पर अभ्यास किया था लेकिन मुकाबले टर्निंग ट्रैक पर खेले गए थे। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज की मानें तो अगर अभ्यास मुकाबलों को अलग पिचों में खिलाना है और मुख्य मुकाबले अलग पिचों में खेलने हैं तो अभ्यास करने का कोई फायदा नहीं है।
बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी से पहले रविचंद्रन अश्विन ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल में कहा कि, ‘स्मिथ ने कहा था कि हमें ब्रबोन में ग्रीन विकेट मिला था लेकिन 2017 की सीरीज के दौरान पहला टेस्ट बिलकुल ही विपरीत पिच पर खेला गया था। पुणे में पिच में काफी टर्न मिल रही थी। हमें ग्रीन पिच मिल सकती थी लेकिन इसके बारे में किसी को कोई अंदाजा नहीं था।
हालांकि ऑस्ट्रेलिया को हमेशा उनके दिमाग के खेल के लिए जाना जाता है। वो हमेशा सीरीज से पहले ऐसा ही करती हैं, यह उनके स्टाइल का क्रिकेट है।’